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नेपाल में विरोध, दिल्ली HC से बैन लगाने की मांग... 'आदिपुरुष' पर रिलीज के बाद भी नहीं थमा विवाद

आदिपुरुष फिल्म पर प्रतिबंध की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है. हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस फिल्म में भगवान राम द्वारा रामायण का मजाक उड़ाया गया है. इस फिल्म के जरिए हमारी संस्कृति का मजाक उड़ाया गया है.

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आदिपुरुष फिल्म पर रोक के लिए दिल्ली HC में याचिका दाखिल
आदिपुरुष फिल्म पर रोक के लिए दिल्ली HC में याचिका दाखिल

आदिपुरुष फिल्म को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसके टीजर से शुरू हुआ विवाद रिलीज के बाद भी जारी है. इस फिल्म पर प्रतिबंध की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है. दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर फिल्म पर रोक लगाए जाने की मांग के साथ इस फिल्म को सेंसर बोर्ड की ओर से दिया जाने वाला सर्टिफिकेट को जारी न किए जाने का आदेश दिए जाने की भी मांग की गई है.

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हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस फिल्म में भगवान राम द्वारा रामायण का मजाक उड़ाया गया है. इस फिल्म के जरिए हमारी संस्कृति का मजाक उड़ाया गया है.

काठमांडू में बैन
उधर, नेपाल की राजधानी काठमांडू के सिनेमाघरों में पौराणिक फिल्म 'आदिपुरुष' का प्रदर्शन रोक दिया गया है. शहर के मेयर ने निर्माताओं से कहा है कि सीता के जन्मस्थान के बारे में गलती सुधारें और सही जानकारी दें. मेयर ने फेसबुक पर लिखा कि जब तक दक्षिण भारतीय फिल्म 'आदिपुरुष' में निहित 'जानकी भारत की बेटी है' लाइन न केवल नेपाल में बल्कि भारत में भी हटा दी जाती है, तब तक काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी (एसआईसी) में कोई भी हिंदी फिल्म चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

नेपाल के फिल्म सर्टिफिकेशन बोर्ड ने भी कहा कि सिनेमाघरों में फिल्म दिखाने की इजाजत तभी दी जाएगी, जब 'सीता को भारत की बेटी' बताने वाले डायलॉग को बदल दिया जाएगा. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार सीता का जन्म जनकपुर में हुआ माना जाता है, जो नेपाल में स्थित है. शाह ने अपने फेसबुक पोस्ट में निर्माताओं से तीन दिनों के भीतर डायलॉग बदलने को कहा है.

ट्रेलर लॉन्च के बाद हुआ था विवाद 
आदिपुरुष फिल्म का ट्रेलर लॉन्च होने के बाद विवाद खड़ा हुआ था जिसमें राम, सीता, हनुमान और रावण के किरदार एवं लुक पर कई संगठनों ने एतराज जताया था. इन सब विवादों के बाद ओम राउत ने फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी थी.

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वर्ष 2022 में मचा था बवाल
फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर विवाद वर्ष 2022 के आखिरी में ही शुरू हो गया था. उत्तर प्रदेश के जौनपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष सिंह ने अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव की शिकायत पर फिल्म 'आदिपुरुष' के निर्माता ओम राउत, प्रभास, सैफ अली खान समेत पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. कहा गया था कि फिल्म के ट्रेलर में भगवान राम, सीता, हनुमान जी और रावण का अशोभनीय चित्रण किया गया है. धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है.

पोस्टर को लेकर की गई थी शिकायत
आदिपुरुष के नए पोस्टर के खिलाफ मुंबई हाई कोर्ट के एडवोकेट आशीष राय और पंकज मिश्रा के माध्यम से एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी. शिकायत में बताया गया था कि फिल्म निर्माता ने हिंदी धर्म ग्रंथ "रामचरितमानस" के पात्र को अनुचित तरह से दर्शाया है. बॉलीवुड फिल्म "आदिपुरुष" के नए रिलीज पोस्टर में हिंदू धर्म समाज के धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है. यह शिकायत भारतीय दंड संहिता की धारा 295 (ए), 298, 500, 34 के तहत FIR दर्ज करने की मांग के साथ दर्ज करवाई गई.

शिकायत में बताया गया था कि बॉलीवुड फिल्म 'आदिपुरुष' फिल्म हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ "रामचरितमानस" मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जीवनी पर बनाई गई है. इस पवित्र ग्रंथ "रामचरितमानस" का सनातनी धर्म कई युगों से अनुसरण करते आ रहे हैं. हिंदू धर्म में "रामचरितमानस" में उल्लेख मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी एवं सभी पूजनीय पात्रों का विशेष महत्व है. शिकायतकर्ता ने बताया था कि बॉलीवुड फिल्म आदिपुरुष के रिलीज पोस्टर में रामायण के सभी एक्टर्स को बगैर जनेऊ धारण किए ही दिखाया गया है. जो कि गलत है.

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रामायण से अलग दिखती है यह फिल्म 
बताते चलें कि ओम राउत की बनाई रामायण एकदम अलग है. 'आदिपुरुष' में किरदारों के नाम भी अलग रखे गए हैं. मर्यादा पुरुषोत्तम राम को राघव कहकर संबोधित किया गया है. वहीं, सीता का नाम जानकी और लक्ष्मण का नाम शेष बताया गया है. हनुमान को तो सब बजरंग बली कहते ही हैं. 

वीएफएक्स भी बहुत कमजोर हैं 
जंगल में वनवास काट रहे राघव, जानकी और शेष कुटिया में नहीं, बलिक एक गुफा में रहते हैं. नदी में बांस की नाव बनाकर सैर करते हैं. फिल्म का VFX भी कमजोर है. एक सीन में आप राघव को जंगल में कुछ मायावी राक्षसों से लड़ते हुए देखेंगे, जो हैरी पॉटर फिल्मों में नजर आए Dementers यानी दमपिशाचों जैसे लगते हैं. राघव संग उनकी लड़ाई देखना रोमांचक कम और हास्यास्पद ज्यादा लगता है. 

डायलॉग भी स्तरीय नहीं लिखे गए 
रावण की लंका सोने की कम काले पत्थर से बनी ज्यादा लग रही है. इसी के साथ फिल्म की सबसे बड़ी कमी उसके डायलॉग हैं. इंटरनेट की भाषा में इस समय जिन्हें 'छपरी' कहा जा रहा है. 'आदिपुरुष' के डायलॉग सुनकर आप खुद में शर्मिंदा महसूस करते हैं कि राघव, जानकी और रावण की कहानी में ये कैसी बातें कही जा रही हैं.

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