कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें याचिकाकर्ता ने मांग की है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत की जांच करने के लिए एक कमीशन गठित की जाए. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जनसंघ के फाउंडर थे.
याचिकाकर्ता ने इस बात का भी जिक्र किया है कि 23 जून, 1953 के दिन जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत हुई थी तब अटल बिहारी बाजपेयी ने आरोप लगाया था कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत के पीछे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की साजिश थी.
याचिका में मांग की गई कि एक जांच कमीशन का गठन किया जाए जो इस बात की जांच करे कि उनकी मौत प्राकृतिक थी या कोई साजिश थी उसके पीछे.
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याचिकाकर्ता ने कहा है ''जहां तक की बाजपेयी भी ने माना था कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत अप्राकृतिक थी. नेहरू उस समय प्रधानमंत्री थे लेकिन किसी भी तरह की जांच उस वक्त नहीं की गई. अभी तक प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने पूरे शासनकाल में कोई जांच गठित नहीं की है.
याचिकाकर्ता ने अपील की है कि इस मामले में कोर्ट एक जांच समिति गठित करे, जो श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत के पीछे का असली कारण पता करे. इस याचिका पर इसी हफ्ते सुनवाई की संभावना बताई जा रही है. (रिपोर्ट- प्रेमा रंजन)