देश में कोरोना वायरस एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के 416 नए मामले सामने आए, तो वहीं 1 व्यक्ति की मौत भी हुई. जबकि पॉजिटिविटी रेट 14.37 फीसदी दर्ज किया गया. दिल्ली में एक्टिव मरीजों की संख्या एक हजार के पार हुई.
बता दें कि दिल्ली में 24 घंटों में 2895 टेस्ट हुए हैं, इसके अलावा 24 घंटों में 144 मरीज ठीक भी हुए हैं. दिल्ली में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1216 हो गई है. इसके अलावा महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शनिवार को 189 नए मामले सामने आए. जबकि एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1021 हो गई. वहीं पूरे महाराष्ट्र राज्य की बात की जाए तो बीते 24 घंटों में 669 नए मामले सामने आए, इसके साथ राज्य में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 3,324 हो गई है.
कोरोना मामलों में वैश्विक बढ़ोतरी
भारत में कोविड-19 के केस लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया रिपोर्ट में भी कहा गया है कि भारत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में नए COVID मामलों में अचानक उच्चतम आनुपातिक बढ़ोतरी देखी गई है. जबकि वैश्विक स्तर पर मामलों में लगभग 27 प्रतिशत की कमी आई है. WHO के अनुसार, भारत में कोरोना के नए मामले में 437 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और इस वृद्धि के लिए नया ओमिक्रॉन वैरिएंट XBB.1.16 जिम्मेदार है. WHO के अनुसार, यह वैरिएंट BA.2.10.1 और BA.2.75 का रिकंबाइंड है.
WHO ने अपनी यह टिप्पणी 27 फरवरी से लेकर 26 मार्च 2023 तक के कोविड आंकड़ों पर की है. वैश्विक स्वास्थ्य निकाय ने कहा है कि राहत की बात यह है कि इस दौरान अस्पताल में भर्ती होने या कोरोना से होने वाली मौतों में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है.
क्या वैक्सीन की चौथी डोज की जरूरत?
इस मामले पर मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीते कुछ दिनों में कोविड-19 की स्थिति तेजी से बदल रही है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक नए मामलों में ओमिक्रॉन के XBB.1.16 वैरिएंट होने की आशंका है. ऐसे में अब ये सवाल उठने लगा है कि इससे बचाव के लिए क्या कोविड की चौथी वैक्सीन लगवानी होगी?
आजतक ने मेडिकल एक्सपर्ट्स से पूछा कि ओमिक्रॉन के XBB.1.16 वैरिएंट से बचने के लिए क्या उपाय हो सकते हैं, क्या लोगों को कोविड की चौथी वैक्सीन लेनी होगी. इसे लेकर उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई जा रही है. लोगों को बूस्टर डोज दी गई है, ताकि उनकी इम्युनिटी मजबूत हो सके. कोविड को हराने के बाद लोगों की इम्युनिटी काफी स्ट्रॉन्ग हो चुकी है. उन्होंने कहा कि जब हम इम्युनिटी की बात करते हैं, तो यह दो स्तर पर काम करती है. पहली- ये लोगों को सामान्य वायरस से बचाती है, दूसरी- यह संक्रमण के गंभीर परिणामों से सिक्योर करती है.
मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक ओमिक्रॉन के इस वैरिएंट से बचाव के लिए किसी वैक्सीन की नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जब संक्रमण बढ़ रहा हो, तो लोगों को ज्यादा अलर्ट होने की जरूरत है.