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फिजिकल एजुकेशन टीचर ने छात्रों के साथ की मारपीट.... Video वायरल होने पर आरोपी सस्पेंड

तमिलनाडु के सलेम जिले में एक फिजिकल एजुकेशन टीचर (Physical Education teacher) ने छात्रों के साथ मारपीट की. इस घटाना का वीडियो भी सामने आया है. वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद संगागिरी जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच की और अन्नामलाई को पूरी जांच लंबित रहने तक सस्पेंड कर दिया.

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छात्र को अस्पताल ले जाते लोग.
छात्र को अस्पताल ले जाते लोग.

तमिलनाडु के सलेम जिले में एक फिजिकल एजुकेशन टीचर (Physical Education teacher) ने छात्रों के साथ मारपीट की. इस घटाना का वीडियो भी सामने आया है. वहीं, आनन-फानन में घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. वीडियो वायरल होने के बाद संगागिरी जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच की और आरोपी टीचर को सस्पेंड कर दिया.

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दरअसल, आरोपी अन्नामलाई मेट्टूर के एक स्कूल में फिजिकल एजुकेशन टीचर (Physical Education teacher) के रूप में कार्यरत हैं. अन्नामलाई ने स्कूल की फुटबॉल टीम को पीटा, क्योंकि वह उनके प्रदर्शन से खुश नहीं थे. वीडियो में अन्नामलाई छात्रों को थप्पड़ मारते, लात मारते, उनमें से कई के बाल पकड़ते और उन्हें धमकाते हुए देखे गए.

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अन्नामलाई छात्रों से मारपीट करते हुए कैमरे में कैद हो गए. वीडियो वायरल होने के बाद संगागिरी जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच की और अन्नामलाई को पूरी जांच लंबित रहने तक सस्पेंड कर दिया.

ISIS भर्ती मामले में 4 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 6 अगस्त को तमिलनाडु में 2022 के कोयंबटूर मंदिर कार बम विस्फोट मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. चारों आरोपियों की पहचान जमील बाशा, मोहम्मद हुसैन, इरशाद और सैयद अब्दुर रहमान के रूप में हुई है. उन पर आईपीसी और यूए (पी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

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भोले-भाले युवाओं को ISIS में करते थे भर्ती

कोयंबटूर में एक प्राचीन मंदिर के बाहर हुए विस्फोट की जांच के दौरान NIA ने पाया कि मामले में गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी गैरकानूनी और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भोले-भाले युवाओं को ISIS में भर्ती करने में लगे हुए थे. आरोपियों की ओर से मद्रास अरबी कॉलेज (कोयंबटूर में) नामक एक अरबी भाषा केंद्र में धार्मिक शिक्षा दी गई थी, जिसे बाद में कोवई अरबी कॉलेज के रूप में पुनः नामित किया गया.

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