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सूचना के अधिकार कानून के तहत एक आरटीआई कार्यकर्ता ने पीएम केअर्स फंड में जमा रकम की जानकारी मांगी तो ये सूचना देने से पीएमओ ने इनकार कर दिया. पीएमओ ने कहा कि सूचना के अधिकार कानून के तहत पीएम केअर्स फंड पब्लिक अथॉरिटी नहीं है, लिहाजा ये जानकारी मुहैया नहीं कराई जा सकती है.
जम्मू के आरटीआई कार्यकर्ता रोहित चौधरी ने सूचना के अधिकार कानून (RTI) के तहत ये जानकारी मांगी थी कि पीएम केअर्स के बैंक खाते, डिजिटल वॉलेट में अबतक कितनी रकम जमा हुई है, इसका मासिक ब्यौरा दिया जाए.
पीएम केअर्स में कितना पैसा?
इसके अलावा रोहित चौधरी ने यह भी जानकारी मांगी थी कि पीएम केअर्स फंड से अबतक कितनी रकम खर्च की गई है.
इस प्रश्न के जवाब में कहा गया कि पीएम केअर्स फंड सूचना के अधिकार कानून 2005 की धारा 2 के तहत एक पब्लिक अथॉरिटी नहीं है. इसलिए इन सवालों का जवाब नहीं दिया जा सकता है.
हालांकि इस बारे में प्रासांगिक जानकारियां पीएम केअर्स से जुड़ी वेबसाइट pmcare.gov.in से ली जा सकती है.
क्या है पीएम केअर्स फंड?
पीएम केअर्स फंड कोविड-19 महामारी जैसी किसी भी तरह की आपातकालीन या संकट की स्थिति में राष्ट्रीय निधि की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. ये एक धर्मार्थ ट्रस्ट है. इसका उद्देश्य है कि लोग इस ट्रस्ट में दान करें और इस पैसे से आपदा से प्रभावित लोगों की आर्थिक मदद की जाए.
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पीएम मोदी हैं कोष के पदेन अध्यक्ष
बता दें कि प्रधानमंत्री, कोष के पदेन अध्यक्ष और भारत सरकार के रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री, निधि के पदेन ट्रस्टी हैं.
बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष (प्रधानमंत्री) के पास 3 ट्रस्टीज को बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज में नामित करने की शक्ति होती है, जो अनुसंधान, स्वास्थ्य, विज्ञान, सामाजिक कार्य, कानून, लोक प्रशासन और परोपकार के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्ति होते हैं. ट्रस्टी नियुक्त किया गया कोई भी व्यक्ति निशुल्क रूप से कार्य करता है.