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30 मिनट PM मोदी को इंतजार कराया, 20 हजार करोड़ के नुकसान की रिपोर्ट दी और चली गईं ममता

रिव्यू मीटिंग में पीएम मोदी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ को करीब 30 मिनट इंतजार करना पड़ा. क्योंकि बंगाल की सीएम ममता बनर्जी मीटिंग में आधे घंटे की देरी से पहुंची. मीटिंग में 30 मिनट देर से पहुंचने के बाद ममता बनर्जी ने चक्रवात से नुकसान की रिपोर्ट केंद्र के अधिकारियों को सौंपकर फौरन वहां से चली गईं.

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पीएम मोदी और सीएम ममता बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो- PTI)
पीएम मोदी और सीएम ममता बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो- PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • PM मोदी और राज्यपाल धनखड़ को करना पड़ा इंतजार
  • मीटिंग में 30 मिनट देर से पहुंची सीएम ममता
  • केंद्र की ओर से 1000 करोड़ का राहत पैकेज

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) शुक्रवार को यास साइक्लोन (Cyclone Yaas) से प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे करने पश्चिम बंगाल पहुंचे. यहां उन्होंने एक रिव्यू मीटिंग में हिस्सा लिया. लेकिन इस मीटिंग में पीएम मोदी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ को करीब 30 मिनट इंतजार करना पड़ा. सरकारी सूत्रों ने दावा किया है कि पीएम और राज्यपाल ने रिव्यू मीटिंग में शामिल होने के लिए बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का 30 मिनट तक इंतजार किया. 

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मीटिंग में 30 मिनट देर से पहुंचने के बाद ममता बनर्जी ने चक्रवात के असर से जुड़े दस्‍तावेज केंद्र सरकार के अधिकारियों को सौंपकर वहां से चली गईं. उनका कहना था कि उन्‍हें दूसरी मीटिंगों में हिस्‍सा लेना है. दस्‍तावेज में 'यास' से 20 हजार करोड़ के नुकसान की बात कही गई थी. साथ ही राहत पैकेज की मांग की गई. 

इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ट्वीट कर कहा कि टकराव का ये रुख राज्य या लोकतंत्र के हित में नहीं है. सीएम और अधिकारियों द्वारा गैर-भागीदारी संवैधानिकता या कानून के शासन के अनुरूप नहीं है.

वहीं, सीएम ममता बनर्जी का कहना है कि उन्होंने दीघा रवाना होने से पहले पीएम को जमीनी स्थिति से अवगत करा दिया. उन्होंने कहा कि हिंगलगंज और सागर में समीक्षा बैठक करने के बाद, मैं कलाईकुंडा में पीएम से मिली और उन्हें पश्चिम बंगाल में चक्रवात के बाद की स्थिति से अवगत कराया. जानकारी के लिए आपदा रिपोर्ट उनको सौंपी गई है. सीएम ममता ने कहा कि मैं अब दीघा में राहत और बहाली कार्य की समीक्षा करने के लिए आगे बढ़ रही हूं. 

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पीएम मोदी की रिव्यू मीटिंग

 

राजनाथ सिंह ने किया रिएक्ट 
इस घटना को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल का आज का घटनाक्रम स्तब्ध करने वाला है. मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री व्यक्ति नहीं संस्था है. दोनों जन सेवा का संकल्प और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेकर दायित्व ग्रहण करते हैं।  आपदा काल में बंगाल की जनता को सहायता देने के भाव से आए हुए प्रधानमंत्री के साथ इस प्रकार का व्यवहार पीड़ादायक है. जन सेवा के संकल्प व संवैधानिक कर्तव्य से ऊपर राजनैतिक मतभेदों को रखने का यह एक दुर्भाग्यपूर्ण उदहारण है, जो भारतीय संघीय व्यवस्था की मूल भावना को भी आहत करने वाला है. वहीं, जेपी नड्डा ने कहा कि पीएम की बैठक से ममता की अनुपस्थिति संवैधानिक नीति और सहकारी गठबंधन के लिए एक झटका थी. 

उधर, पीएम मोदी ने 'यास' से हुए नुकसान को लेकर राज्य सरकारों को वित्तीय मदद का ऐलान किया है. केंद्र सरकार ने तत्काल 1 हजार करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया. इसमें 500 करोड़ ओडिशा और 500 करोड़ पश्चिम बंगाल-झारखंड को दिए जाएंगे. साथ ही मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे.  

दरअसल, यास तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेने पीएम मोदी आज बंगाल और ओडिशा पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने राज्य सरकारों के साथ रिव्यू मीटिंग की. लेकिन बंगाल में रिव्यू मीटिंग में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को मिले न्योते से पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी नाराज हो गईं. पहले ही बता दिया गया कि सीएम ममता बैठक में ही शामिल नहीं होंगी. 

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यास तूफान को लेकर पीएम की रिव्यू मीटिंग में बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़, सीएम ममता बनर्जी, केंद्रीय मंत्री और बंगाल से सांसद देबाश्री चौधरी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मौजूद रहना था. इसके साथ ही बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को भी न्योता मिला. कहा जा रहा है कि इसके कारण ही ममता बनर्जी बैठक में शामिल नहीं हुईं.

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