प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, इसमें जापानी संसद के सदस्य और व्यापार जगत के नेता शामिल थे. इस दौरान पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ग्रीन और क्लीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई.
पीएम मोदी ने जापान के प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया, जिसमें जापानी संसद के सदस्य और प्रमुख कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यापार जगत के नेता शामिल थे.
पीएम मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि जापान के प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुगाका फुकुशिरो, उनके साथ आए सांसदों और व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई. दो लोकतंत्रों और साझा हितों वाले विश्वसनीय साझेदारों के रूप में हम संसदीय आदान-प्रदान, निवेश, स्किल और गतिशीलता को बढ़ावा देने समेत अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक बयान में कहा कि बैठक में भारत-जापान की रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी पर चर्चा हुई. इसमें सहयोग और आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस रहा. जिसमें लोगों के बीच सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया.
इस दौरान भारत और जापान के बीच संसदीय आदान-प्रदान के महत्व को दोहराया गया. बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने 2022-27 की अवधि के लिए भारत और जापान के बीच निर्धारित 5 ट्रिलियन जापानी येन इन्वेस्ट के मौजूदा लक्ष्य पर हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और 2027 से आगे की अवधि के लिए व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई.
PMO की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने जापान के पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग (मोनोजुकुरी) के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, EV, ग्रीन और क्लीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया.
बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के सफल और समय पर पूरा होने के महत्व पर बात की. नुकागा ने प्रस्ताव दिया कि भारत और जापान जापानी भाषा, संस्कृति और कार्य पद्धतियों में ट्रेनिंग कराई जाए. इन प्रयासों में निजी क्षेत्र की भूमिका पर भी चर्चा हुई.