ओमिक्रॉन खतरे के बीच पीएम मोदी ने आज देश के नाम संबोधन किया. उन्होंने एक तरफ सभी से सावधानी बरतने की अपील की तो वहीं दूसरी तरफ बच्चों को वैक्सीन लगाने का फैसला भी ले लिया. पीएम ने बताया कि तीन जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगने लग जाएगी.
इसके अलावा पीएम ने अब हेल्थ वर्कर्स के लिए बूस्टर डोज का भी ऐलान कर दिया है. उनके मुताबिक 10 जनवरी से हेल्थ वर्कर्स को प्री कॉशन डोज दी जा सकेगी. इसके अलावा 60 साल ऊपर वाले जिन्हें कोई Comorbidity है, उन्हें प्रीकॉशन डोज देने की बात कही गई है.
हम सबका अनुभव है कि जो कॉरोना वॉरियर्स हैं, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं, इस लड़ाई में देश को सुरक्षित रखने में उनका बहुत बड़ा योगदान है. वो आज भी कोरोना के मरीजों की सेवा में अपना बहुत समय बिताते हैं. इसलिए Precaution की दृष्टि से सरकार ने निर्णय लिया है कि हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की Precaution Dose भी प्रारंभ की जाएगी. इसकी शुरुआत 2022 में, 10 जनवरी, सोमवार के दिन से की जाएगी. 60 वर्ष से ऊपर की आयु के कॉ-मॉरबिडिटी वाले नागरिकों को, उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की Precaution Dose का विकल्प उनके लिए भी उपलब्ध होगा. ये भी 10 जनवरी से उपलब्ध होगा.
अब इन बड़े ऐलानों के बीच प्रधानमंंत्री ने अपने संबोधन के दौरान सभी से अपील की कि कोरोना कही गया नहीं है, ऐसे में सावधान और सर्तक रहने की जरूरत है. उन्होंने अपने भाषण में एक बार फिर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर पूरा जोर दिया.
ओमिक्रॉन खतरे के बीच पीएम का संदेश
उन्होंने कहा कि ना पैनिक करने की जरूरत है और ना ही डरने की जरूरत है, सिर्फ सावधानी बरतनी है और सर्तक रहना है. पीएम ने देश को जानकारी दी कि सरकार अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि हमारे पास 90 हजार बैड मौजूद हैं, 3 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं. वहीं अब कुछ समय में देश में नेजल और डीएनए वाली वैक्सीन भी आने वाली है. ऐसे में तैयारी पूरी है और इस महामारी से पूरी ताकत के साथ निपटा जाएगा.
पीएम ने अपने भाषण में इस बात पर भी जोर दिया कि उनकी सरकार ने हमेशा एक रणनीति के तहत काम किया. फिर चाहे वो चरणों में टीकाकरण अभियान को चलाना हो या फिर बच्चों की वैक्सीन पर फैसला लेना. पीएम की माने तो उनकी सरकार ने हमेशा एक्सपर्ट और वैज्ञानिक सुझाव को अहमियत दी है. जितने भी फैसले लिए गए हैं, वो हमेशा विचार कर लिए गए हैं.
अब पीएम ने सर्तक किया, बड़े ऐलान किए लेकिन इसके साथ-साथ देश की उपल्ब्धियों को भी गिनाया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोरोना काल में देश ने अपने सामूहिक प्रयास से काफी कुछ हासिल किया है.
भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था. ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल लक्ष्य को पार कर चुका है. आज भारत की वयस्क जनसंख्या में से 61 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं. इसी तरह, वयस्क जनसंख्या में से लगभग 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगाई जा चुकी है.
एक्सपर्ट पीएम मोदी के फैसले को सही समय पर उठाए गए फैसले के तौर पर देख रहे हैं. बच्चों की वैक्सीन लंबे समय से बहस चल रही थी, बूस्टर डोज की भी मांग थी, अब सरकार ने दोनो ही फैसलों की ओर अपने कदम बढ़ा लिए हैं.