प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव,2024 के मंच पर 'रीडिफाइनिंग भारत' के विषय पर लोगों को संबोधित किया, जहां उन्होंने अपनी सरकारी की कई योजना का जिक्र किया और कहा कि मैं 2029 की तैयारी में नहीं हूं, बल्कि मैं 2047 के लिए लगा हुआ हूं. पीएम ने अपने संबोधन में ईज ऑफ लिविंग का भी जिक्र करते हुए कहा कि अगर मेरा मिशन 2047 सफल होता है तो मैं लोगों के जीवन से सरकार के दखल को बाहर कर दूंगा.
सरकार का दबाव भी नहीं तो अभाव भी नहीं होना चाहिए: PM
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि मैं अक्सर कहता हूं कि लोगों के जीवन सरकार का दबाव भी नहीं और सरकार का अभाव भी नहीं होना चाहिए. अगर कोई गरीब है तो उसको लगाना नहीं चाहिए कि संकट के वक्त उनके पास कोई आया नहीं. अभाव नहीं होना चाहिए, सरकार की जहां जरूरत हो वहां सरकार को होना चाहिए, लेकिन ये क्या तरीका है कि आए दिन सरकार काम में टांग अड़ाती रहे. और अगर मेरा 2047 तक का मिशन पूरा हुआ तो मानकर चलिए. तो मैं सरकार नागरिक के जीवन से सरकार के दखल को बाहर निकाल दूंगा.
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'हमने खत्म किए पेचीदा कानून'
पीएम ने यह भी कहा कि सामान्य मानव के जीवन में सरकार होनी ही नहीं चाहिए. उसको अपना जीवन जीने की खुली छूट होनी चाहिए और अपने सपनों को साकार करने के लिए उसको खुले आसमान में छोड़ देना चाहिए. और इसी सोच के साथ हमने ईज ऑफ लिविंग के लिए. जैसा मैंने कहा हमने डेढ़ हजार कानून खत्म किए. वैसे ही कई अलग-अलग तरह की चीजें सरकार लोगों पर थोपती रहती हैं. आपको जानकर खुशी होगी कि मैंने ऐसी ही 40 हजार से ज्यादा पेचीदा कानून को खत्म कर दिया है और उन्हें बहुत आसान बना दिया है.
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सिर्फ ये नहीं ईज ऑफ लिविंग का मतलब: PM मोदी
उन्होंने ये भी कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि सामान्य नागरिकों को सरकार ऑफिस के चक्कर ही न लगाने पड़ें. लाइनों में लगना ही न पड़े. अब आपको रेलवे स्टेशनों पर लाइनें नहीं दिखती होगी, क्योंकि दुनिया बदल गई है. ईज ऑफ लिविंग का मतलब सिर्फ इस तरह की सुविधा को बढ़ावा देना ही नहीं है. ईज ऑफ लिविंग तब बढ़ती है, जब गरीब और मिडिल क्लास की जेब में पैसे बचने लगे. हमारी सरकार कैसे लोगों का पैसा बचा रही है ये अपने-आप में एक केस स्टडी है.
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'रेलवे टिकटों पर भी दिया डिस्काउंट'
पीएम मोदी ने कहा, '2014 में दो लाख की सालाना आय पर इनकम टैक्स देना होता था, आज सात लाख की सालाना इनकम पाने वाले को एक रुपये का भी टैक्स नहीं देना पड़ता है. हमारी सरकार ने जो कदम उठाए हैं. उसमें से देश के नागरिकों के ढाई लाख करोड़ रुपये बचे हैं. आप कल्पना कर सकते हैं कि पिछले 10 साल में रेलवे टिकटों में भी लाखों-करोड़ों का डिस्काउंट दिया.
साथ ही उन्होंने अपनी सरकार में रिकॉर्ड स्तर पर शुरू होने वाले स्टार्टअप के बारे में बताते हुए अपनी सरकार की गेमचेंजर स्कीम्स भी गिनाईं. उन्होंने स्वनिधि योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी के सस्ता लोन दिया है. साथ ही स्ट्रीट वेंडर्स ने जिस तरह से डिजिटल इंडिया को उन्होंने अपनाया है. वो बहुत बड़ा काम हुआ है.