पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. पीएम मोदी ने कहा कि देश में जब महिलाओं से अत्याचार की घटनाएं होती हैं तो मन में तकलीफ होती है. उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं दम खम दिखा रही हैं, उनका नेतृत्व भी बढ़ा है. लेकिन जब महिलाओं से अत्याचार की घटना आती है तो चिंता होती है. पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं से हो रहे अपराध में जल्द से जल्द सजा होनी चाहिए और जांच में तेजी लाई जानी चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी माताओं, बहनों और बेटियों पर हो रहे अत्याचारों के प्रति लोगों में गुस्सा है. इस गुस्से को गंभीरता से लेना होगा... जो लोग राक्षसी कृत्य करते हैं उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए. समय की मांग है कि राक्षसी कृत्य करने वालों में डर पैदा हो.
'आरोपियों को कड़ी सजा मिले'
पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आज लाल किले से एक बार फिर अपना दर्द व्यक्त करना चाहता हूं. एक समाज के तौर पर हमें महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के बारे में गंभीरता से सोचना होगा. देश में इसके खिलाफ आक्रोश है. मैं इस आक्रोश को महसूस कर सकता हूं. देश, समाज, राज्य सरकारों को इसे गंभीरता से लेना होगा. महिलाओं के खिलाफ अपराधों की शीघ्र जांच हो, इन राक्षसी कृत्यों को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले - यह समाज में विश्वास पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण है.'
'पापियों में डर पैदा करना जरूरी'
पीएम मोदी ने कहा कि मैं यह भी कहना चाहूंगा कि जब भी महिलाओं के साथ बलात्कार या अत्याचार की घटनाएं होती हैं तो उसकी व्यापक चर्चा होती है. लेकिन जब ऐसे राक्षसी प्रवृत्ति के व्यक्ति को सजा मिलती है तो यह बात खबरों में नहीं बल्कि एक कोने तक ही सीमित रह जाती है. समय की मांग है कि सजा पाने वालों पर व्यापक चर्चा की जाए ताकि यह पाप करने वाले समझें कि इससे फांसी होती है. मुझे लगता है कि यह डर पैदा करना बहुत ज़रूरी है.”
बता दें कि 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इसके बाद देश को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को करते हुए कई मुद्दों पर बात की. इसमें देश की चिंताओं से लेकर रिफॉर्म तक के मुद्दे शामिल रहे. पीएम मोदी ने कहा कि जब हम 40 करोड़ थे, तब हमने महासत्ता को हरा दिया था. आज तो हम 140 करोड़ हैं. देश को समृद्धि को ओर ले जाना है.