देश की सत्ता पर नरेंद्र मोदी पहली बार 26 मई 2014 को काबिज हुए थे और 30 मई 2019 को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने. इस तरह से नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री आठ साल पूरे कर लिए हैं. जिसको लेकर बीजेपी आज जश्न मना रही है. इस मौके पर बीजेपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की आठ साल की उपलब्धियों को गिनाया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि आज लोगों को पता है कि मोदी है तो मुमकिन है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों में हमें इनोवेशन हमेशा दिखाई पड़ता है. इसी इनोवेशन के तहत पीएम मोदी ने नमो ऐप के तहत माइक्रोसाइट पर एक मॉड्यूल खड़ा किया है. जो इंट्रेस्टिंग भी है, इन्ट्रेक्शन भी है और इनफॉर्मेशन के साथ इनोवेशन से युक्त हैं.
नड्डा ने कहा कि Youth India को इस माइक्रोसाइट के माध्यम से कौन से काम सरकार ने 8 साल की अवधि में किये हैं और उसकी सही जानकारी एवं उसको जानने के साथ साथ एक गेम की तरह खेलने का प्रयोजन इस वेबसाइट में किया गया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नड्डा ने कहा कि देश आज आजादी का अमृत महोत्सव भी मना रहा है और आज मोदी सरकार के 8 साल-सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को भी मना रहा है. उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण, ये मोदी सरकार के काम करने का तरीका है, ये मोदी सरकार की आत्मा है.
काशी और केदारनाथ का कायाकल्प।#8YearsOfSeva pic.twitter.com/Fewk6RHURM
— BJP (@BJP4India) May 30, 2022
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारतीय राजनीति की संस्कृति बदली है. सरकार के काम करने की शैली भी आज बदल गई है. 2014 से अब तक हमने एक लंबी यात्रा तय की है. आज हम देश में एक जिम्मेदार सरकार देखते हैं, आज हम प्रो-एक्टिव, प्रो-रिस्पोंसिव सरकार देखते हैं. बदलाव की ये कहानी ही हमारी प्रगति की निशानी है. पहले योजनाएं केवल कागज पर ही बनती थी, लेकिन आज किसी भी योजना की घोषणा से लेकर उसके लागू होने तक उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाती है.
मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अंत्योदय को हमने तीव्र गति से आगे बढ़ाया है. राष्ट्र प्रथम को लेकर हमारी सारी नीति आगे बढ़ी हैं. पहले योजनाएं कागज पर ही बनती, कागज पर ही इंप्लीमेंट होती थी, कागज में ही उद्घाटन हो जाता है. आज योजना बनने से लेकर, उसके इंप्लीमेंटशन तक निचले स्तर तक मॉनिटरिंग होती है.
जेपी नड्डा ने कहा कि पिछली सरकार के 70 वर्षों में शिक्षा विभाग ने 6.37 लाख प्राथमिक विद्यालय बनाए गए थे. मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में 6.53 लाख प्राथमिक विद्यालय बने हैं. यूनिवर्सल एजुकेशन की दृष्टि से हम आगे बढ़ रहे हैं.
उन्होंने बताया कि गरीब कल्याण अन्न योजना की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है. क्योंकि कोरोना संकट में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आर्थिक मामलों को भी किसी देश ने हल किया तो वो भारत है. 2 साल से करीब 80 करोड़ गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन दिया जा रहा है.
इसके अलावा नड्डा ने बताया कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत अब तक प्रधानमंत्री जी ने प्रतिवर्ष 2, 2 हजार रुपये की तीन किस्तों के रूप में अब तक 10 किस्तें दे दी हैं और 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये इस पर अब तक खर्च किये जा चुके हैं. कल यानी कि बुधवार को बुधवार पीएम मोदी शिमला के रिज मैदान से 11वीं क़िस्त जारी करेंगे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नड्डा ने कहा कि हमनें संस्कृति की भी रक्षा की है. चाहे वो भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, भव्य और दिव्य काशी हो, महाभारत सर्किट हो,रामायण सर्किट हो,केदारनाथ का पुनरोद्धार हो, सोमनाथ का विकास का हो और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी आधुनिक समय में एक तरह से भारत के इतिहास को प्रतिलक्षित करने का केंद्र बना है.
उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित करने का काम भी मोदी सरकार ने किया है. संविधान दिवस, सामाजिक समरसता दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस, जनजातीय गौरव दिवस, योग दिवस भी हमारी सरकार ने तय किए. 2 साल से करीब 80 करोड़ गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन दिया जा रहा है.
वहीं भारत में अब तक 192 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है. साथ ही 100 देशों को 18.5 करोड़ से अधिक वैक्सीन हमने वैक्सीन मैत्री के अंतर्गत पहुंचाई है. सभी जानकारियों और सभी आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए मैं कह सकता हूं कि एक बदलता हुआ भारत की मानसिकता के साथ, 8 साल बेमिसाल, सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को ध्यान में रखते हुए हम काम में जुटे हैं.
नड्डा ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट से जुड़े कई ऐतिहासिक समझौते मोदी सरकार में हुए हैं. नॉर्थ ईस्ट को पहले पिछड़ा क्षेत्र, कटे हुए क्षेत्र के रूप में देखा जाता था. नॉर्थ ईस्ट को मुख्य धारा में शामिल करने का काम भी मोदी सरकार ने किया है. करीब 50 बार मोदी जी का वहां दौरा हो चुका है. पिछले प्रधानमंत्री जो असम से आते थे, वो कितनी बार नॉर्थ ईस्ट गए, ये जानने की बात है.