
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल की तरह इस बार भी सैनिकों के बीच दिवाली मनाई. पीएम मोदी इस बार जैसलमेर बॉर्डर पर पहुंचे. यहां उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाई, उनका हौसला बढ़ाया और दुश्मन देशों पर करारा प्रहार भी किया. इसके साथ ही पीएम मोदी टैंक पर भी सवार हुए.
लोंगेवाला पोस्ट पर जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्तारवादी ताकतों को जमकर लताड़ लगाई. पीएम ने कहा कि विस्तारवाद 18वीं शताब्दी की सोच है, इस सोच में मानसिक विकृति है और इससे पूरी दुनिया परेशान है.
चीन पाकिस्तान का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत यूं तो समझने और समझाने में यकीन रखता है, लेकिन अगर किसी ने भारत को आजमाने की कोशिश की तो जवाब प्रचंड मिलेगा.
भारत-पाकिस्तान के बीच अभूतपूर्व युद्ध का गवाह रहे और भारतीय सैनिकों के अदम्य शौर्य का प्रतीक लोंगेवाला बॉर्डर पर सैनिकों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है.
सैनिकों का उत्साहवर्धन करते हुए पीएम ने कहा कि भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है. आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है. पीएम मोदी ने कहा कि सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है. ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है.
#WATCH | Rajasthan: PM Narendra Modi took a ride on a tank in Longewala, Jaisalmer, earlier today.
— ANI (@ANI) November 14, 2020
He was in Longewala to celebrate #Diwali with security forces. pic.twitter.com/n77KRdIZfQ
पड़ोसियों की ओर इशारा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं. विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है. इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है.
पीएम ने कहा कि दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भले ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना ही आगे क्यों न आ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल है. सामर्थ्य ही विजय का विश्वास है, सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है.