पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के सदस्यों का राष्ट्रपति के भाषण पर अपने विचार रखने के लिए आभार व्यक्त किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में लता मंगेशकर को याद किया और कहा कि इतने लंबे समय तक उनकी आवाज ने देश को भावनाओं से भर दिया. उन्होंने 36 भाषाओं में गीत गाए हैं जो राष्ट्र की एकता के लिए भी प्रेरक उदाहरण है. पीएम ने लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी.
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल के बाद दुनिया नई व्यवस्था की ओर आगे बढ़ी है. भारत को इस मामले में नेतृत्व के मसले पर पीछे नहीं रहना है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ये मौका गंवाना नहीं चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर स्वच्छ भारत अभियान तक की चर्चा की. पीएम ने कहा कि आज गरीब आवास योजना का लाभ मिलते ही लखपति बन जाता है. गरीब के घर में भी चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिले तो ये अच्छा है. आज गरीब का बैंक में खाता हो, बिना बैंक गए गरीब अपने खाते का उपयोग करता हो.
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं की राशि सीधे उसके खाते में पहुंचती हों. अगर आप जनता के बीच रहते हो तो जरूर ये चीजें दिखाई देती हैं. दुर्भाग्य ये हैं कि कई लोगों का कांटा 2014 में अटका हुआ है. पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि देश की जनता आपको पहचान गई है. इतना सारा उपदेश देते हैं तब भूल जाते हैं कि आपने भी 50 साल तक यहां बैठने का सौभाग्य प्राप्त किया था. उन्होंने कहा कि नागालैंड ने करीब 24 साल हो गए जब लोगों ने कांग्रेस के लिए वोट किया था. गोवा ने 28 साल से आपको स्वीकार नहीं किया.
पीएम मोदी ने त्रिपुरा और ओडिशा के साथ ही कई राज्यों में कांग्रेस की अंतिम सरकारों की याद दिलाई. पीएम मोदी ने कहा कि इतनी पराजय के बाद भी इनका अहंकार नहीं जाता. देश की जनता इनको हमेशा के लिए नकार रही है. सवाल चुनाव नतीजों का नहीं नीयत का है. उन्होंने कहा कि जवाब देना हमारी मजबूरी है. पीएम ने कांग्रेस पर शायराना अंदाज में भी तंज किया.
पीएम ने शायराना अंदाज में किया तंज
पीएम मोदी ने शायराना अंदाज में कांग्रेस पर तंज किया-
वो जब दिन को रात कहें तो तुरंत मान जाओ,
नहीं मानोगे तो वो दिन में नकाब ओढ़ लेंगे
जरूरत हुई तो हकीकत को थोड़ा बहुत मरोड़ लेंगे
वो मगरूर है खुद की समझ पर बेइंतहा
उन्हें आइना मत दिखाओ, वो आइने को भी तोड़ देंगे
अंध विरोध लोकतंत्र का अनादर
पीएम मोदी ने कहा कि आलोचना जीवंत लोकतंत्र का एक आभूषण है लेकिन अंधविरोध लोकतंत्र का अनादर है. उन्होंने कहा कि संस्कार, स्वभाव से लोकतंत्र को लेकर प्रतिबद्ध हैं. पीएम ने कहा कि दो साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है. लेकिन इस समय का भी उपयोग दलगत राजनीति के लिए किया गया. उन्होंने वैक्सीनेशन के आंकड़े भी बताए और ये भी कहा कि मेड इन इंडिया वैक्सीन सबसे प्रभावी है. पीएम ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कोरोना काल में कांग्रेस ने तो हद कर दी. पहली लहर के दौरान देश जब लॉकडाउन का पालन कर रहा था, विश्व स्वास्थ्य संगठन जब दुनियाभर को ये सलाह दे रहा था कि जो जहां है वहीं रुके. तब कांग्रेस के लोगों ने मुंबई के रेलवे स्टेशन पर खड़े रहकर लोगों को मुफ्त टिकट दिया गया और लोगों को जाने के लिए प्रेरित किया गया कि महाराष्ट्र का बोझ कम हो. जाओ यूपी, बिहार के हो. वहां कोरोना फैलाओ.
कोरोना के संकट में भी पवित्र काम करने से चूक गए
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अफरा-तफरी का माहौल बना दिया और श्रमिकों को परेशानियों में डाल दिया. महाराष्ट्र और दिल्ली की सरकारों ने लोगों को भेज दिया जिसका परिणाम हुआ कि यूपी, उत्तराखंड और बिहार में जहां कोरोना इतना नहीं था, वहां भी इसने गति पकड़ ली. उन्होंने आरोप लगाया कि ये इतने बड़े संकट में भी पवित्र काम करने से चूक गए. बहुत लोगों को इंतजार था कि कोरोना मोदी की छवि को अपनी चपेट में ले लेगा. औरों को नीचा दिखाने के लिए महात्मा गांधी का नाम लेते हैं. मोदी जब वोकल फॉर लोकल कहता है तब आप उसे छोड़ देते हैं. आप महात्मा गांधी के स्वदेशी के सपने को साकार होता नहीं देखना चाहते.
कांग्रेस ने मन बना लिया है सौ साल सत्ता में नहीं आना
पीएम मोदी ने कहा कि कौन हिंदुस्तानी होगा जिसे कोरोना पर गर्व न हो. कांग्रेस ने योग का विरोध किया, मजाक बनाया. फिट इंडिया का भी विरोध किया. हम सबने मिलकर युवाओं से फिट इंडिया के लिए कहते. कांग्रेस को क्या हो गया है, समझ नहीं आता. कांग्रेस के आचरण से देश अचंभित है. इतने सारे राज्य कांग्रेस को घुसने भी नहीं दे रहे. इनके कार्यक्रमों से ऐसा लगता है कि इन्होंने मन बना लिया है कि सौ साल तक सत्ता में नहीं आना. आपने मन बना लिया है तो हमने भी तैयारी कर ली है.
आज भारत की अर्थव्यवस्था उदाहरण
पीएम मोदी ने कहा कि ये सदन इस बात का साक्षी है कि कोरोना से जो परिस्थितियां उत्पन्न हुईं, उससे निपटने के लिए जो भी तैयारी की गई उसे लेकर क्या-क्या नहीं बोला गया. दुनिया में बड़े-बड़े कॉन्फ्रेंस करके क्या-क्या नहीं कहा गया जिससे भारत बदनाम हो. समझ से ज्यादा समर्पण बड़ा था. वो हमने करके दिखाया. आज विश्व के सभी ज्ञाता इस बात को मानते हैं कि कोरोना काल में भारत ने जिस रास्ते पर अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया. आज भारत की अर्थव्यवस्था उदाहरण है. भारत आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी इकोनॉमी है. किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन किया. सरकार ने रिकॉर्ड खरीदारी की. उन्होंने कहा कि हमने भूख से किसी को मरने नहीं दिया. 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन आज भी उपलब्ध करा रहे हैं. आज एक्सपोर्ट नई ऊंचाई पर है. आज मोबाइल एक्सपोर्ट के साथ ही कई एक्सपोर्ट गिनाते हुए पीएम ने कहा कि आज देश डिफेंस एक्सपोर्ट में भी अपनी पहचान बना रहा है. ये आत्मनिर्भर भारत का कमाल है जिससे कइयों को परेशानी है.
19वीं सदी की मानसिकता पूरी नहीं कर सकती 21वीं सदी की आकांक्षाएं
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में एफडीआई बढ़ा है. आज भारत रिन्यूएबल एनर्जी दुनिया के पांच बड़े देशों में शामिल है. हमने नियम और प्रक्रिया को सरल किया. आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में पूरी सामर्थ्य से कोशिश की. रिफॉर्म किए. आत्मनिर्भर भारत कांग्रेस को दर्द दे रहा है. ये सारी उपलब्धियां ऐसे समय में देश ने हासिल की हैं, जब सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है. दुनिया में सप्लाई चेन के कारण दुनिया में फर्टिलाइजर संकट की स्थिति है. भारत ने सारा बोझ अपने कंधे पर उठाया और फर्टिलाइजर की सप्लाई निरंतर जारी रखा है. कोरोना संकट के समय छोटे किसानों को संकट से निकालने की कोशिश की है. जो चार-चार पीढ़ी से महलों में बैठे हुए हैं, वे छोटे किसानों की समस्याएं समझ ही नहीं पाए हैं.
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उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि आपको छोटे किसानों से इतनी नफरत क्यों है. छोटा किसान मजबूत होगा तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. सैकड़ों साल की गुलामी की मानसिकता को 75 साल बाद भी कुछ लोग बदल नहीं पाए जो किसी भी देश के विकास में बाधक होता है. आज भी एक वर्ग 19वीं सदी की मानसिकता में जकड़ा हुआ है. ये 21वीं सदी की आकांक्षाएं पूरी नहीं कर सकते. पीएम ने सरयू नहर, अर्जुन डैम जैसी कई साल से लंबित परियोजनाओं का जिक्र किया.
एमएसएमई पर है हमारा फोकस- पीएम
पीएम मोदी ने सरयू नहर, यूपी की अर्जुन डैम परियोजना, उत्तराखंड में चार धाम को ऑल वेदर सड़कों से जोड़ने, गोरखपुर फर्टिलाइजर कारखाना समेत कई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष को घेरा और तंज भी किए. उन्होंने कहा कि आपके लिए फाइल सबकुछ है, हमारे लिए 130 करोड़ लोगों की लाइफ बदलने में जुटे हैं. प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना का भी जिक्र किया और उन्होंने कनेक्टिविटी पर जोर दिया. आजादी के बाद सबसे तेज गति से ग्रामीण सड़कें, नेशनल हाईवे, एयरपोर्ट्स बन रहे हैं तो इन पांच साल में बने हैं. अभूतपूर्व निवेश भी हो रहा है. इसी से विकास होना है. जितनी अर्थव्यवस्था विकास करेगी, उतने ही रोजगार के अवसर बढ़ते हैं. हर सेक्टर में उत्पादन बढ़ रहा है. हमारा बड़ा फोकस एमएसएमई में है.
ग्लोबल वैल्यू चेन का हिस्सा बन रहा भारत
पीएम ने कहा कि हम आज ग्लोबल वैल्यू चेन का हिस्सा बन रहे हैं. ये अच्छी निशानी है. छोटे उद्योगों को सुरक्षित करने के लिए तीन लाख करोड़ की विशेष योजना शुरू की. इसका लाभ 13.5 करोड़ एमएसएमई को मिला जो बर्बाद होने से बच गए. डेढ़ करोड़ नौकरियां बचीं. ये एफबीआई की स्टडी कहती है. मुद्रा योजना भी सफल रही है. लाखों लोग बिना गारंटी बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार कर रहे हैं. स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेंडर को लाभ मिल रहा है. गरीब श्रमिकों के लिए दो लाख करोड़ से अधिक खर्च किए. हजारों लाभार्थियों के खाते में सीधा पैसा ट्रांसफर किया है. पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान से लॉजिस्टिक खर्च कम होगा. ये बहुत लाभकारक होने वाला है.
सात साल में आज 60 हजार स्टार्टअप्स
पीएम मोदी ने कहा कि नए क्षेत्रों में एंटरप्रेन्योर्स के लिए ओपन कर दिया है. इनके लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए सिंपल टैक्स सिस्टम की शुरुआत की है. आज देश पुरानी अवधारणा से बाहर निकल रहा है. ये सोच बन गई है कि तुम्हें सरकार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा. इसके कारण सामर्थ्य को भी क्षति पहुंची. देशवासियों की ताकत कई गुना अधिक होती है. 2014 के पहले देश में महज 500 स्टार्टअप थे. सात साल में 60 हजार स्टार्टअप काम कर रहे हैं. बहुत कम समय में भारत के यूनिकॉन आगे बढ़ रहे हैं. सरकार की नीतियों के कारण साल-दो साल में स्टार्टअप हजार करोड़ के कारोबार तक पहुंच जा रहे हैं. ऐसे समय में भी जिनको अंधविरोध करने की आदत है वे सुबह-सुबह शुरू हो जाते हैं.
उन्होंने कांग्रेस पर तंज करते हुए कहा कि मोदी आपकी प्राणशक्ति है. कांग्रेस में ऐसे लोग बैठे हैं जो कहते हैं कि ये उद्यमी लोग कोरोना वायरस का वैरिएंट हैं. जो लोग इतिहास से सबक नहीं लेते वे इतिहास में खो जाते हैं. बेंच बदल गई है लेकिन आपकी आदत नहीं बदली है. ये लोग कहते थे मेक इन इंडिया हो नहीं सकता. मजाक उड़ाया गया. आज देश की युवा शक्ति ने कर के दिखाया है और आप मजाक बन गए हो. इसकी सफलता से आपको कितना दर्द हो रहा है, ये समझता हूं.
पीएम ने बताया मेक इन इंडिया का मतलब
पीएम ने मेक इन इंडिया का मतलब बताया और इसे लेकर भी तंज किया कि पहले क्या होता था. कई साल तक नए इक्विपमेंट खरीदने के लिए प्रक्रिया चलती थी और जब तक फाइनल होता था वो आउट ऑफ डेट हो जाती थी. हमने इसे सरल किया. हम स्पेयर पार्ट्स के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर रहे हैं. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना राष्ट्रसेवा का काम है. हम ज्यादा से ज्यादा रक्षा उपकरण भारत में ही बनाएंगे. सेना की जरूरत पूरा कर बड़ा एक्सपोर्टर बनने की दिशा में बढ़ेंगे.
कांग्रेस सरकार के समय डबल डिजिट में थी महंगाई
महंगाई को लेकर पीएम ने कहा कि अच्छा लगता और देश का भी भला होता अगर आपकी चिंता कांग्रेस की सरकार के समय 2014 से पहले भी होती. कांग्रेस सरकार के अंतिम पांच साल में देश को डबल डिजिट में महंगाई की मार झेलनी पड़ी थी. सरकार खुद ये मानने लगी थी कि महंगाई उसके नियंत्रण से बाहर है. चिदंबरमजी जब सरकार में थे तब कहा था लोगों को 15 रुपये की पानी की बोतल खरीदने में तकलीफ नहीं होती लेकिन नमक-तेल पर एक रुपये बढ़ जाए तो तकलीफ होने लगती है, हमारी सरकार ने पहले दिन से संवेदनशील रहकर महंगाई को नियंत्रित रखने का प्रयास किया है. हमने प्रयास किया कि जरूरी चीजों की कीमत आसमान ना छुए. हमारी सरकार के समय महंगाई पांच फीसदी से भी कम रही है.
पीएम ने पंडित नेहरू के लाल किले से महंगाई को लेकर दिए एक संबोधन का भी उल्लेख कर कांग्रेस पर हमला बोला. हम इस समस्या के समाधान के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं. हम भाग जाने वालों में से नहीं, ईमानदारी से काम करने वाले लोग हैं. इस देश का गरीब इतना विश्वासघाती नहीं है कि जो सरकार उनके हित में काम करे वह उसे ही सत्ता से हटाने का काम करे. वह इतना जागरूक है कि आपको 44 सीटों पर समेट दिया. कांग्रेस 1971 से गरीबी हटाओ के नारे पर चुनाव लड़ती रही और गरीबी तो हटी नहीं, परिभाषा ही बदल दी. पीएम ने राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा कि वे बोलकर चले जाते हैं झेलना इनको पड़ता है.
राष्ट्र सरकार की व्यवस्था नहीं एक जीवित आत्मा है
पीएम ने भारतीयों की विशेषता बताने वाला पंडित नेहरू की किताब भारत की खोज से एक कोट पढ़ा और कहा कि इस सदन का ये कहकर अपमान किया गया कि संविधान में राष्ट्र शब्द नहीं आता. राष्ट्र कोई सत्ता या सरकार की व्यवस्था नहीं है. हमारे लिए राष्ट्र एक जीवित आत्मा है. इसे हजारों साल से देशवासी जुड़े हैं और जूझते रहे हैं. उन्होंने विष्णु पुराण के एक कोट का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि तमिल सेंटिमेंट को आग लगाने की कोशिश की गई. कांग्रेस तोड़ो और राज करो की विरासत पर चल रही है. पीएम ने तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती की एक कविता का भी पाठ किया.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे. पीएम मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई चर्चा का कल यानी 8 फरवरी को जवाब दे सकते हैं. बता दें कि धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई.