प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में आज ऐसे मुद्दे पर बात की, जो हर बालक-बालिका के लिए प्रिय है. पीएम ने बच्चों के खिलौनों, उससे जुड़े मनोविज्ञान, खिलौनों से सृजनात्मकता का विकास और खिलौनों के बाजार पर विस्तार से चर्चा की.
'अच्छे खिलौने वे जो अधूरे हों'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वक्त आ गया है कि भारत के खिलौने भारत में बनें और थीम भी भारतीय हो. उन्होंने खिलौनों की चर्चा करते हुए गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगौर की चर्चा की. उन्होंने कहा कि खिलौने ऐसे हों, जो बच्चों का बचपन बाहर लाए. पीएम मोदी ने कहा कि खिलौने वो ठीक होते हैं जो अधूरे होते हैं, ताकि उसे देखकर उसे पूरा करने की कल्पनाशीलता बाल मन में जगे और इससे बच्चों में सृजनात्मकता का विकास हो.
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में स्थानीय खिलौनों की समृद्ध परंपरा रही है. कई प्रतिभाशाली और कुशल कारीगर हैं, जो अच्छे खिलौने बनाने में महारत रखते हैं. हमारे देश के कुछ क्षेत्र टॉय क्लस्टर्स के रूप में भी विकसित हो रहे हैं. जैसे कि कर्नाटक के रामनगरम में चन्नापटना, आंध्र प्रदेश के कृष्णा में कोंडापल्ली.
Local खिलौनों के लिए Vocal बनिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खिलौनों के साथ हम दो चीजें कर सकते हैं, पहला तो अपने गौरवशाली अतीत को जीवन में फिर से उतार सकते हैं और दूसरा अपने स्वर्णिम भविष्य को भी संवार सकते हैं. पीएम ने कहा कि वे अपने स्टार्ट अप मित्रों से कहना चाहेंगे कि Team up for toys. अब हम सभी के लिए Local खिलौने के लिए Vocal होने का समय है.
7 लाख करोड़ की ग्लोबल इंडस्ट्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ग्लोबल टॉय इंडस्ट्री 7 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है. ये इतना बड़ा कारोबार है लेकिन भारत का इसमें हिस्सा बहुत ही कम है. हमें इसमें भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है.
इंडियन थीम्स पर कंप्यूटर गेम बनाइए
मन की बात में पीएम मोदी ने कंप्यूटर गेम का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस जमाने में कंप्यूटर गेम्स का भी बहुत ट्रेंड है. लेकिन इनमें जितने भी गेम्स होते हैं उनकी थीम्स अधिकतर बाहर की होती है. हमारे देश में इतने आइडियाज और कॉन्सेप्ट हैं. मैं देश के युवा से कहता हूं कि भारत में और भारत के भी गेम्स बनाइए.