प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली में 17-18 मार्च को होने वाले इंडिया टुडे कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव का यह 20वां संस्करण है. यह पहला मौका नहीं है, जब पीएम मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं. इससे पहले 2019 में कोरोना काल से पहले पीएम मोदी ने कॉन्क्लेव को संबोधित किया था. हालांकि, तब से अब तक काफी कुछ बदल गया है.
पीएम मोदी को दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में पीएम मोदी का यह संबोधन ऐसे वक्त पर होने जा रहा है, तब एक ओर दुनियाभर में आर्थिक और भू राजनीतिक उथल-पुथल जारी है. वहीं दूसरी ओर भारत में अगले साल लोकसभा चुनाव होना है.
कोरोना काल के बाद से दुनियाभर आर्थिक संकट से जूझ रही है. वहीं, भारत इन चुनौतियों से मजबूती से उभरा है और दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर सामने आ रहा है. 2023 में भारत ने दुनिया में केंद्र का स्थान लिया है. भारत इस साल G20 शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी कर रहा है. यह स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक सुधार पर केंद्रित है. इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी के मुताबिक, कॉन्क्लेव में पीएम मोदी का संबोधन उनकी नेतृत्व रणनीतियों को निर्धारित करने वाला होगा.
इससे पहले पीएम मोदी 6 बार इंडिया टुडे कॉन्क्लेव को संबोधित कर चुके हैं. गुजरात के मुख्यमंत्री रहते उन्होंने गुजरात मॉडल को कार्यक्रम में पेश किया था. इसके बाद पीएम के तौर पर उन्होंने नए भारत के लक्ष्यों को सबके सामने रखा. उन्होंने 2003, 2008, 2011 में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपनी बात रखी. इसके बाद वे 2013 में बीजेपी के पीएम उम्मीदवार के तौर पर शामिल हुए. पीएम मोदी ने 2017 और 2019 में भी इंडिया टुडे कॉन्क्लेव को संबोधित किया.
प्रधानमंत्री से पहले इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के मंच पर आएंगे उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जो राष्ट्रवाद के विजन के साथ कार्यक्रम के पहले दिन शामिल होंगे. दो दशकों तक एजेंडा तय करने वाले कार्यक्रमों के बाद इस साल के कॉन्क्लेव की थीम इंडिया मोमेंट है. भारत दुनिया में एक उभरती हुई शक्ति का केंद्र है और इस साल G20 का नेतृत्व इसे अपनी छाप छोड़ने का बड़ा मौका दे रहा है. इस साल के इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में भारत की सबसे गंभीर सुरक्षा चुनौतियों पर सत्र रहेगा, जिसमे आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल होंगे.
जोश से भरे माहौल में भारत के राजनीतिक योद्धा स्मृति ईरानी, महुआ मोइत्रा, शशि थरूर और किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में वक्ता होंगे. इसके अलावा पी चिदंबरम, सचिन तेंदुलकर, उद्योगपति अनिल अग्रवाल और संजीव गोयनका शामिल होंगे. वहीं, पूर्व चीफ जस्टिस एसए बोबडे और यूयू ललित भी अपनी बात कार्यक्रम में रखेंगे. मंच पर सुपरस्टार राम चरण भी होंगे, जिनकी धुन के सहारे भारत अमेरिका के घर घर में घुस चुका है. जाह्नवी कपूर से भी बात होगी. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2023 17 और 18 मार्च को दिल्ली में होगा. अधिक जानकारी और रजिस्टर करने के लिए... indiatodayconclave.com पर लॉग ऑन करें.