प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को लॉन्च करेंगे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाले कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी और इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी संबोधन भी देंगे. सरकार ने मिशन को ऐतिहासिक करार दिया है. इसके तहत हर नागरिक के पास उसकी हेल्थ आईडी होगी.
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की पायलट परियोजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2020 को लाल किले के प्राचीर से की थी. अभी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन छह केंद्र शासित प्रदेशों में पायलट चरण में लागू किया जा रहा है.
माना जा रहा है कि मिशन उसी तरह से हेल्थ इको-सिस्टम के लिए अहम साबित होगा और वैसा ही रोल प्ले करेगा, जैसा पेमेंट के क्षेत्र में यूपीआई ने किया है. लोग हेल्थकेयर सुविधाओं का लाभ लेने से सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर होंगे
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को देश के स्तर पर उस समय रोलआउट किया जा रहा है, जब एनएचए द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) की तीसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है. इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी मौजूद रहेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया, ''कल, 27 सितंबर भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है. सुबह 11 बजे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की शुरुआत होगी. यह मिशन स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठाता है और इस क्षेत्र में नए इनोवेशन के दरवाजों को भी खोलता है.''
Tomorrow, 27th September is an important day for India’s healthcare sector. At 11 AM, the Ayushman Bharat Digital Mission would be launched. This Mission leverages technology to improve access to healthcare and opens doors for new innovation in the sector. https://t.co/MkumY17Ko1
— Narendra Modi (@narendramodi) September 26, 2021
जनधन, आधार और सरकार की अन्य डिजिटल पहलों की तरह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन डेटा, सूचना की एक विस्तृत सीरीज के प्रावधान के जरिए से एक सहज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करेगा. यह मिशन लोगों की सहमति से स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच और आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा.
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत देश के हर नागरिक के लिए एक हेल्थ आईडी होगी, जो उनके हेल्थ अकाउंट की तरह काम करेगी. इसमें व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड को मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से जोड़ा और देखा जा सकेगा. एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) और हेल्थकेयर फैसिलिटीज रजिस्ट्रियां (HFR) सभी हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के रूप में काम करेंगी. सरकार का कहना है कि यह डॉक्टरों/अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा देने वालों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस भी सुनिश्चित करेगा.