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UP: पीएम मोदी 19 फरवरी को कल्कि धाम मंदिर की रखेंगे नींव, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दिया था न्योता

पीएम मोदी संभल जिले में श्री कल्कि धाम मंदिर की आधारशिला रखेंगे और वहां एक सभा को संबोधित करेंगे. मंदिर का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं.

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कल्कि धाम मंदिर की नींव रखने के लिए एक दिवसीय दौरे पर जाएंगे PM मोदी (फाइल फोटो)
कल्कि धाम मंदिर की नींव रखने के लिए एक दिवसीय दौरे पर जाएंगे PM मोदी (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सोमवार को उत्तर प्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर होंगे. इस दौरान वह संभल जिले में श्री कल्कि धाम मंदिर (Shri Kalki Dham Temple) की आधारशिला रखेंगे और वहां एक सभा को संबोधित करेंगे. मंदिर का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) हैं. आचार्य को पिछले दिनों पीएम मोदी से मिलने और उन्हें आधारशिला के लिए बुलाने से कुछ दिनों बाद कांग्रेस ने 'पार्टी विरोधी बयानबाजी' का आरोप लगाते हुए निकाल दिया था. 

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शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि सुबह करीब 10:30 बजे उद्घाटन कार्यक्रम में कई संत, धार्मिक नेता और अन्य सम्मानित व्यक्ति शामिल होंगे. 

करोड़ों रूपयों की परियोजनाओं का होगा शुभारंभ
श्री कल्कि धाम मंदिर की आधारशिला रखने के बाद पीएम मोदी, दोपहर लगभग 1:45 बजे उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 (UPGIS 2023) के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों के चौथे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में पूरे उत्तर प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की 14 हजार परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. बता दें कि ये परियोजनाएं मैन्युफैक्चरिंग, रीन्यूएबल एनर्जी, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आईटी-सक्षम सेवाओं, फूड प्रोसेसिंग, हाउसिंग और रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और मनोरंजन, शिक्षा जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं.

इस कार्यक्रम में उद्योगपतियों, टॉप ग्लोबल और इंडियन कंपनियों के प्रतिनिधियों, राजदूतों और उच्चायुक्तों और अन्य खास मेहमानों सहित लगभग पांच हजार लोग शामिल होंगे. 

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श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम कौन हैं? 
आचार्य प्रमोद कृष्णम का जन्म 4 जनवरी 1965 को उत्तर प्रदेश के संभल में त्यागी परिवार में हुआ था. वह दो बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. पार्टी ने साल 2014 में उन्हें संभल और 2019 में लखनऊ से प्रत्याशी बनाया था और दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. आचार्य प्रमोद, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश सलाहकार परिषद का हिस्सा थे, जिसका गठन तत्कालीन यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा की मदद के लिए किया गया था. आचार्य प्रमोद के कांग्रेस से नाराज होने की एक वजह समाजवादी पार्टी का संभल और लखनऊ दोनों सीटों पर 2024 में अपने उम्मीदवार खड़े करने के ऐलान को माना जा रहा है. बता दें कि समाजवादी पार्टी, इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है और यूपी में 2024 के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है.

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