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PMO ने नहीं दिए PM केअर्स फंड से जुड़े सवालों के जवाब, कहा- नहीं रखते रिकॉर्ड

PMO पीएम केअर्स फंड से जुड़ी याचिकाओं का रिकॉर्ड नहीं रखता. इसकी जानकारी खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने आजतक की ओर से दायर RTI के जवाब में दी है.

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पीएम मोदी (फाइल फोटो)
पीएम मोदी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम केअर्स फंड से जुड़ी याचिकाओं का रिकॉर्ड नहीं
  • 4 महीनों के अंदर 3852 RTI पीएमओ को मिले
  • औसतन हर रोज 32 आवेदन पीएमओ को मिल रहे

प्रधानमंत्री कार्यालय सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे गए हर सवाल का रिकॉर्ड रखता है, लेकिन पीएम केअर्स फंड से जुड़ी याचिकाओं का रिकॉर्ड नहीं रखता. इसकी जानकारी खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने आजतक की ओर से दायर RTI के जवाब में दी है. हमने पूछा था कि 1 मार्च 2020 से अब तक कितने आरटीआई आवेदन/प्रश्न पीएमओ को प्राप्त हुए हैं? प्राप्त आवेदनों की जानकारी प्रदान करें. 

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पीएमओ की ओर जवाब दिया गया कि 1 मार्च से 30 जून तक 3852 RTI के आवेदन मिले. यानी कि 4 महीने में पीएमओ को 3852 आवेदन मिले. औसतन हर रोज 32 आवेदन पीएमओ को प्राप्त हुए. आवेदन में हमने पीएमओ को पीएम केअर फंड पर प्राप्त आरटीआई याचिकाओं की संख्या के बारे में भी पूछा. इस पर पीएमओ ने जवाब दिया कि जिस फॉर्मेट में आप जानकारी मांग रहे हैं उसे इस कार्यालय में नहीं रखा जाता है. 

इसका मतलब यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय दायर की गई सभी आरटीआई का डाटा रखता है, लेकिन पीएम केअर्स फंड से जुड़े रिकॉर्ड्स वह नहीं रखता. सभी आरटीआई एक विशिष्ट प्रारूप में उठाए जाते हैं और विशिष्ट प्रश्न पूछे जाते हैं.  

बता दें कि इससे पहले पीएमओ ने पीएम केअर्स में जमा रकम बताने से भी इनकार कर दिया था. RTI के तहत एक आरटीआई कार्यकर्ता ने पीएम केअर्स फंड में जमा रकम की जानकारी मांगी थी तो ये सूचना देने से पीएमओ ने इनकार कर दिया. पीएमओ ने कहा कि सूचना के अधिकार कानून के तहत पीएम केअर्स फंड पब्लिक अथॉरिटी नहीं है, लिहाजा ये जानकारी मुहैया नहीं कराई जा सकती है. 

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क्या है पीएम केअर्स फंड?

कोरोना की मुश्क‍िल घड़ी में आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड) के नाम से एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट बनाया गया था. इस कोष में दान करने के लिए देश-विदेश में रह रहे भारतीयों से अपील की गई. ये कोष प्राकृत‍िक आपदा या किसी अन्य संकट की स्थि‍त‍ि के दौरान प्रभावित लोगों की आर्थ‍िक मदद के लिए बनाया गया था.

 

 

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