
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद जो हिंसा हुई उसपर सिविल सोसायटी ग्रुप ने रिपोर्ट तैयार कर ली है. पांच सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को रिपोर्ट गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी को सौंप दी. इस रिपोर्ट की कुछ बड़ी बातें सामने आई हैं, जिसमें से एक यह भी है कि रिपोर्ट में ममता बनर्जी की सरकार को हिंसा रोकने में फेल बताया गया है.
इस कमेटी ने क्या फाइंडिंग की है उस पर एक नजर डालते हैं. कमेटी के सदस्यों ने 63 पेज की एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए टीम पश्चिम बंगाल गई थी, जहां से 200 से ज्यादा तस्वीरें, करीब 50 से ज्यादा वीडियो एनालिसिस करके यह रिपोर्ट तैयार की गई है. इतना ही नहीं, यह टीम ग्राउंड पर लोगों से भी मिली है.
बंगाल हिंसा पर पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट ने क्या कहा
कमेटी को आने नहीं दे रही थी राज्य सरकार
राज्य सरकार इस कमेटी को राज्य में आने से लगातार मना कर रही थी. कमेटी के चेयरमैन ने चीफ सेक्रेटरी को ग्राउंड रियलिटी के लिए 11 मई को पत्र लिखा था, 12 मई को वहां के चीफ सेक्रेटरी ने जवाब दिया और कहा था की कोरोना के चलते आप ग्राउंड में नहीं आ सकते हैं. यह भी कहा गया कि अभी मामले पर कोर्ट में सुनवाई होनी है इसलिए अभी राज्य में आना ठीक नहीं है.
बाद में इस कमेटी ने CRPF की सुरक्षा लेकर पश्चिम बंगाल में जाकर अपनी रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें हिंसा प्रभावित कई गांवो का दौरा इस टीम ने किया है.