
अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण पर एक रुपये का जुर्माना लगाया है. सोमवार को सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने अपना फैसला सुनाया. इस फैसले पर प्रशांत भूषण ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रशांत भूषण ने कहा कि मैं फैसला मान रहा हूं लेकिन अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए चुनौती जरूर दूंगा. मुझे दोषी करार देने और सजा देने दोनों फैसलों को चुनौती दूंगा, ये मेरे पास अधिकार है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण ने कहा कि हर भारतीय मजबूत न्यायपालिका चाहता है, न्यायपालिका कमजोर हो तो देश और लोकतंत्र कमजोर होता है. मैं देश की जनता का धन्यवाद करना चाहता हूं कि जिन्होंने मेरे समर्थन में अभियान चलाया. प्रशांत भूषण ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था जो भी सजा मिलेगी उसे स्वीकार करूंगा, मुझे जेल जाने से दिक्कत नहीं है.
प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं खुशी-खुशी जुर्माना भरने के लिए तैयार हूं, एक जिम्मेदार नागरिक की तरह जुर्माना भरूंगा. उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट ने आदेश का पालन करेंगे. वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि मेरे हृदय में सुप्रीम कोर्ट के लिए पूरा सम्मान है.
प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मेरे ट्वीट्स का मकसद सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करना नहीं था, ये मुद्दा मेरे या सुप्रीम कोर्ट और किसी जज के खिलाफ नहीं था. उन्होंने कहा कि इस दौरान जिन लोगों ने मुझे समर्थन दिया, मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण ने कहा कि इस मामले के कारण एक बार फिर लोगों का ध्यान फ्रीडम ऑफ स्पीच की ओर गया है, इस मामले में ये ऐतिहासिक साबित हुआ. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सत्य की जीत होगी.
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगेंद्र यादव ने कहा कि स्वराज अभियान की ओर से देश के NGO और एक्टिविस्ट से नेशनल फंड में एक रुपये देने की अपील की जाएगी, ताकि लोगों को लीगल हेल्प दी जा सके.
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अगर प्रशांत भूषण एक रुपया जमा नहीं करते हैं तो उनको तीन महीने की जेल हो सकती है और तीन साल तक प्रैक्टिस करने पर पाबंदी लगाई जा सकती है. आदेश के मुताबिक, प्रशांत भूषण को जुर्माने का एक रुपया 15 सितंबर तक जमा करना है.