scorecardresearch
 

'सिंगापुर और हांगकांग में भारतीय मसालों पर कोई प्रतिबंध नहीं', प्रतापराव जाधव ने संसद में दी जानकारी

प्रतापराव जाधव ने लोकसभा को बताया कि वाणिज्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों ने भारतीय मसालों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है. उन्होंने एक लिखित जवाब में कहा, 'हालांकि भारत से निर्यात किए गए मसालों के कुछ बैच को हांगकांग और सिंगापुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा वापस कर दिया गया था क्योंकि उनमें एथिलीन ऑक्साइड (ईटीओ) अनुमेय सीमा से अधिक था.'

Advertisement
X
(प्रतीकात्मक फोटो)
(प्रतीकात्मक फोटो)

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि वाणिज्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों ने भारतीय मसालों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है. 

Advertisement

उन्होंने एक लिखित जवाब में कहा, 'हालांकि भारत से निर्यात किए गए मसालों के कुछ बैच को हांगकांग और सिंगापुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा वापस कर दिया गया था क्योंकि उनमें एथिलीन ऑक्साइड (ईटीओ) अनुमेय सीमा से अधिक था.'

मसाला बोर्ड ने किए हैं उपाय

उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय के मसाला बोर्ड ने कई कदम उठाए हैं. इनमें गंतव्यों पर निर्यात किए जाने वाले मसालों का अनिवार्य प्री-शिपमेंट टेस्ट और सभी चरणों में संभावित ईटीओ कॉन्टेमिनेशन को रोकने के लिए निर्यातकों द्वारा पालन किए जाने वाले दिशानिर्देश जारी करना शामिल है.

आयातक देश की अलग-अलग ईटीओ सीमाओं को पूरा करने के लिए विभिन्न उपायों में कच्चे माल की खरीद, प्रसंस्करण, पैकिंग, भंडारण, परिवहन आदि शामिल हैं. प्रतापराव जाधव ने कहा, 'इसके अलावा, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) देश भर में उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.'

Advertisement

एफएसएस अधिनियम, 2006 के तहत होती है कार्रवाई

मंत्री ने कहा कि उपरोक्त वैधानिक आवश्यकताओं का अनुपालन न करने के मामलों में, एफएसएस अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दोषी खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों (एफबीओ) के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है.

Live TV

Advertisement
Advertisement