Prayagraj Mahakumbh 2025: 13 जनवरी से महाकुंभ 2025 (Prayagraj Mahakumbh 2025) शुरू हो जाएगा. इसका समापन 26 फरवरी को होगा. प्रयागराज में महाकुंभ की जोर-शोर से तैयारी चल रही है. महाकुंभ को श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने के लिए रेलवे ने भी इंतजाम कर लिए हैं. प्रयागराज में महाकुंभ लगभग 50 दिनों तक चलेगा. महाकुंभ को दुनिया भर का सबसे बड़ा मेला कहा जाता है. देशभर से लाखों श्रद्धालु महाकुंभ में शामिल होते हैं. कुंभ में 6 शाही स्नान होते हैं. प्रयागराज में आखिरी बार महाकुंभ 2012 में हुआ था. इस मेले को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं और कथाएं हैं.
इस बार QR टिकट की भी सुविधा
रेलवे ने श्रद्धालुओं का बड़ा तोहफा दिया है. प्रयागराज में अब टिकट बुकिंग के लिए श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी. अब श्रद्धालु कुंभ मेले से ही ऑनलाइन टिकट बुक कर पाएंगे. केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज में रेल टिकट बुक करने का ऐप का डेमो दिया है. इस ऐप से श्रद्धालु कहीं से भी टिकट बुक कर पाएंगे. आपको बता दें कि महाकुंभ को लेकर रेलवे की तरफ से 50 शहरों से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं. रेल के माध्यम से हर रोज महाकुंभ में 20 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
पर्यटकों के लिए 'पिंक व्हीकल' की सुविधा उपलब्ध
प्रयागराज महाकुम्भ में इस बार न सिर्फ़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ई-रिक्शा और ई-ऑटो की सुविधा मिलेगी बल्कि महिला श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए 'पिंक व्हीकल' की सुविधा उपलब्ध होगी. इसके लिए ओला और उबर की तर्ज पर ऐप के माध्यम से उनकी बुकिंग हो सकेगी. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और महाकुंभ स्थल को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए बड़ी संख्या में ई-ऑटो और ई रिक्शा चलाने का फ़ैसला लिया गया है. साथ ही इनके चालकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है. जिससे इन ई-रिक्शा और ई-ऑटो के ड्राइवर लोगों के साथ अच्छा व्यवहार भी कर सकें और इन्हें महाकुंभ स्थल की जानकारी भी हो.
महिलाओं को मिलेगी पिंक व्हीकल की सुविधा
महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ई-ऑटो और ई-रिक्शा की सुविधा मिलेगी. राज्य सरकार की ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की पहल के तहत बड़े पैमाने पर ई-व्हीकल चलेंगे. शहर को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए 15 दिसंबर से ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा. ख़ास बात ये है कि महिला श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए पहली बार पिंक व्हीकल की सुविधा भी दी जाएगी.
पिंक ई-रिक्शा और ई-ऑटो में महिलाएं ही चालक होंगी. इस सुविधा से महिला श्रद्धालुओं को लाभ होगा. सामान्य और पिंक व्हीकल दोनों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी की जाएगी. जिससे लोगों को ई-रिक्शा और ई-ऑटो की बुकिंग में कोई दिक्कत न हो. शुरुआत में करीब 40 पिंक टैक्सी की सुविधा उपलब्ध होगी. बाद में संख्या और बढ़ाई जाएगी.
मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे रिक्शा चालक
यह ई-व्हीकल्स रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, हवाई अड्डा एवं सभी होटलों से आराम से उपलब्ध हो सकेंगे. शहर को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त रखने के लिए ये फैसला किया गया है. खास बात कि श्रद्धालुओं को मनमाना किराया वसूलने वाले रिक्शा चालकों से छुटकारा मिलेगा. इसके लिए बाकायदा उनकी रेट लिस्ट तय की जाएगी. यूपी के स्टार्टअप कॉम्फी ई-मोबिलिटी ऑनलाइन ई रिक्शा और ई ऑटो बुकिंग की सुविधा प्रदान करेगी. महाकुंभ में आने वाले लोगों का अनुभव अच्छा हो इसके लिए सभी ड्राइवरों को अच्छे व्यवहार की ट्रेनिंग दी जाएगी. जिन श्रद्धालुओं को हिंदी या अंग्रेजी भाषा में दिक्कत है, उनकी सुविधा के लिए सभी ड्राइवरों को गूगल वॉइस असिस्टेंट की ट्रेनिंग भी दी जा रही है.
प्रयागराज पहुंचने के लिए भी बड़े पैमाने पर इंतज़ाम
यूपी सरकार के अनुसार इस बार महाकुम्भ में क़रीब 40 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचेंगे. रेलवे भी करीब 1000 अतिरिक्त ट्रेनों के साथ ही कुल 3 हजार ट्रेनें चलाने जा रहा है. श्रद्धालुओं को प्रयागराज लाने के लिए 7000 से अधिक रोडवेज बसों और 550 शटल बसों के संचालन का फ़ैसला लिया गया है. इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों को व्हीकल की सुविधा मिलेगी.
ड्रोन से होगी हर जगह की निगरानी
कुंभ मेले मे रेलवे स्टेशन के अंदर के अलवा बाहर भी लाखों की भीड़ रहेगी, ऐसे मे सुरक्षा के भी पुख्ता इंतज़ाम किये गए है UP पुलिस और GRP RPF ने सुरक्षा के कई घेरे बनाये है और ड्रोन से भी स्टेशन के बाहर निगरानी की जाएगी.
महाकुम्भ में होगी इलाज की सुविधा
संगम नगरी प्रयागराज में लगने वाले महाकुम्भ में श्रद्धांलुओं को अब इलाज की भी पूरी सुविधा मिलेगी मरीज़ो के लिए 100 बेड का केंद्रीय अस्पताल भी बनाया जा रहा है, जिसमें मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. इस केंद्रीय हॉस्पिटल में खास बात है कि 10 बेड का अलग से आईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है, जो आर्मी द्वारा संचालित होगा इसमें पांच सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है.
दूसरी भाषा को समझने के लिए वॉइस चेंजर की सुविधा
सबसे खास बात है कि इस कुम्भ में कोई भी मरीज़ देश विदेश से इस हॉस्पिटल में भर्ती होता है तो उनकी भाषा समझने के लिए वॉइस चेंजर लगा होगा जो उनकी भाषा को बदलकर हिंदी और अंग्रेजी मे ट्रांसलेट करेगा. जिससे डॉक्टर को समझने में आसानी होगी और उनका इलाज करने में मदद मिलेगी.
हॉस्पिटल में होंगे खास इंतेजाम
इस हॉस्पिटल मे छोटे बड़े ऑपरेशन भी किये जा सकते है, हर गंभीर बिमारियों के इलाज के लिए डॉक्टर भी बैठेगे.चाहे वो हड्डी के डॉक्टर हो या दांत के चाहे मेज़र ऑपरेशन हो या बड़ा ऑपरेशन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, नाक कान गले के डॉक्टर भी यहाँ होंगे, सबसे बड़ी बात है की अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है तो उनकी डिलेवरी की सुविधा होंगी.
महाकुंभ के दौरान साइबर फ़्रॉड से बचने के लिए बड़ा कदम
राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी साइबर फ़्रॉड का खतरा था. जिसके बाद गृह मंत्रालय के निर्देश पर महे MHA I4C विंग ने अयोध्या में अपना कंट्रोल रूम स्थापित किया था. माना यह जा रहा है कि महाकुंभ के दौरान भी इसी तरीके से साइबर ठग गलत जानकारी देकर देश-विदेश से आए लोगों को ठग सकते हैं. इसलिए गृह मंत्रालय के i4c विंग की तरफ से प्रयागराज महाकुंभ के दौरान मल्टी एजेंसी कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है.