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केरलः भारी बारिश और जंगलों में फंसीं 3 गर्भवती महिलाएं, एक ने वहीं दिया बच्ची को जन्म

उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों में इन दिनों मॉनसून के सेकेंड फेज की जोरदार बारिश हो रही है. वहीं केरल में बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. यहां बारिश की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है. हजारों लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है. बारिश की वजह से जंगल में 3 प्रेग्नेंट महिलाएं फंस गईं. इनमें से एक महिला ने जंगल में ही बच्ची को जन्म दिया. हालांकि मां और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं.

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पुलिस और वन विभाग की टीम ने गर्भवती महिलाओं को रेस्क्यू किया (फोटो-ANI)
पुलिस और वन विभाग की टीम ने गर्भवती महिलाओं को रेस्क्यू किया (फोटो-ANI)

केरल में इन दिनों जोरदार बारिश हो रही है. बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. लिहाजा 2 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में हैं. भारी बारिश के चलते 3 गर्भवती महिलाएं जंगल में फंस गईं. इन्हें वन विभाग और पुलिस की मदद से रेस्क्यू किया गया. उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. वहीं एक महिला ने जंगल में ही बच्ची को जन्म दिया. जानकारी के मुताबिक मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं.

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एजेंसी के मुताबिक जिला चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम ने तीनों गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर उन्हें चालकुडी तालुक अस्पताल में भिजवा दिया है. इस घटना पर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने घटना पर संज्ञान लिया और गर्भवती महिलाओं को बचाने वाली टीम को बधाई दी.  

भारी बारिश को देखते हुए मलमपुझा बांध के 4 गेट खोले गए हैं. मुक्कईपुझा, कल्पथिपुझा और भरतपुझा नदियों के किनारे रहने वालों के लिए चेतावनी भी जारी की गई है. मलमपुझा बांध की क्षमता 112.99 मीटर है. फिलहाल स्थिति खतरे से बाहर है. लेकिन भारी बारिश को देखते हुए गेट खोले गए हैं. पानी का स्तर 5 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है. 

8 अगस्त तक भाऱी बारिश का अलर्ट

IMD ने 4 से 8 अगस्त तक केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. साथ ही चेतावनी दी है कि केरल के समुद्री इलाकों में अत्यधिक बारिश हो सकती है. केरल की कोट्टायम और पथानामथिट्टा की सभी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हालात काबू में रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है.

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2 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में भेजे

भारी बारिश की वजह से प्रदेशभर में 2,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में हैं. एजेंसी के मुताबिक केरल में अब तक भारी बारिश से छह लोगों की मौत हो चुकी है. इससे पहले 4 अगस्त को भी शोलयार और पेरिंगलकुथु डैम के गेट उठा खोले गए थे, यहां पर चालकुडी नदी उफान पर है.

सीएम विजयन बोले-निचले इलाके के लोग अलर्ट रहें

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने चालकुडी नदी के किनारे रहने वाले लोगों से बाहर निकलने की अपील की है. क्योंकि आज शाम तक पानी का स्तर बढ़ने की संभावना है. उन्होंने कहा कि त्रिशूर और एर्नाकुलम जिलों के निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है. बारिश के चलते इडुक्की जिले में शिक्षण संस्थानों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया था.

NDRF की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा

NDRF की टीमों को राज्य के उन क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जहां भूस्खलन और बाढ़ की आशंका है. साथ ही वायु और नेवी को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है. केरल में बारिश की वजह से जुलाई में कन्नूर और कासरगोड जिलों में कासरगोड की नदियां उफान पर आ गई थीं. साथ ही कन्नूर में कई घर धराशायी हो गए थे. 

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