स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वायु सेना के बहादुर जवानों को शौर्य चर्क और वायु सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया है. राष्ट्रपति ने विंग कमांडर वर्नोन डेसमंड कीन वीएम को फ्लाइंग (पायलट) को शौर्य चक्र से नवाजा है. वहीं विंग कमांडर जसप्रीत सिंह संधू को वायु सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया है.
शौर्य चक्र और वायु सेना मेडल (वीरता) राष्ट्रपति द्वारा भारतीय सशस्त्र बलों को उनकी बहादुरी और उनकी सेवा को मान्यता देने के लिए दिया जाता है. ये पुरस्कार सैन्य कर्मियों की वीरता, उनके समर्पण और बलिदान के लिए दिए जाते हैं.
शौर्य चक्र
वायु सेना मेडल (वीरता)
क्या है शौर्य चक्र?
शौर्य चक्र की शुरुआत अशोक चक्र श्रेणी-III के रूप में 4 जनवरी 1952 को शुरू किया गया था. बाद में 27 जनवरी 1967 को इसका नाम बदलकर शौर्य चक्र कर दिया गया था. शौर्य चक्र सेना, नौसेना और वायु सेना, किसी भी रिजर्व फोर्स, टेरिटोरियल सेना और किसी भी अन्य विधिपूर्वक गठित बलों के सभी रैंकों के अधिकारियों को दिया जाता है. शौर्य चक्र में एक मेडल दिया जाता है, और मोनेट्री अलाउवेंस के रूप में 1500 रूपये की रकम दी जाती है.
क्या है वायु सेना मेडल?
वायु सेना मेडल की शुरुआत 26 जनवरी 1960 को किया गया था. यह पुरस्कार वायु सैनिकों की वीरता, उनकी सेवा या कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए दिया जाता है. इसमें एक मेडल होता है, रिबन और बार समेत 500 रुपये का मोनेट्री अलाउवेंस दिया जाता है.
वायु सेना मेडल नियमित वायु सेना के अधिकारी और वायुसैनिक और सहायक वायु सेना, वायु रक्षा रिजर्व और नियमित रिजर्व के अधिकारी और वायुसैनिकों को दिया जाता है. एविएशन कॉर्पोरेशन में पायलट के रूप में सेवा देने वाले सैन्य अधिकारी को भी इस मेडल से नवाजा जाता है.