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Presidential Election: यशवंत सिन्हा ने भरा नामांकन, राहुल गांधी बोले- ये विचारधारा की लड़ाई

देश के अलगे राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होना है. विपक्ष की ओर से यशवंत सिन्हा चुनाव मैदान में हैं. वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है. द्रौपदी मुर्मू ने 24 जून को नामांकन दाखिल किया था.

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राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते यशवंत सिन्हा.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते यशवंत सिन्हा.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 28 जून से अभियान की शुरुआत करेंगे यशवंत सिन्हा
  • 24 जून को NDA प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू ने भरा था नामांकन

विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने सोमवार को दिल्ली में संसद में अपना नामांकन दाखिल किया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता और तेलंगाना के मंत्री के टी रामाराव, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद थे. नामांकन के बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ये विचारधारा की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि एक तरफ भाई चारा तो दूसरी तरफ नफरत की विचारधारा है.  

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टीआरएस ने सोमवार को आगामी राष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की घोषणा की. केटीआर ने ट्विटर पर लिखा, "टीआरएस पार्टी के अध्यक्ष केसी रामाराव ने भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में यशवंत सिन्हा की उम्मीदवारी को समर्थन देने का फैसला किया है. हमारे संसद सदस्यों के साथ यशवंत सिन्हा के नामांकन मैं टीआरएस का प्रतिनिधित्व करूंगा.

सिन्हा ने शुक्रवार को विपक्षी दलों को लिखी थी चिट्ठी

इससे पहले शुक्रवार को सिन्हा ने चुनाव जीतने पर किसानों, श्रमिकों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी हाशिए के वर्गों के लिए आवाज उठाने का वादा किया. शुक्रवार को विपक्षी दलों को लिखे एक पत्र में, सिन्हा ने उन्हें सर्वसम्मति से अपने आम राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुनने के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें आश्वासन दिया कि वह बिना किसी डर या पक्षपात के, संविधान के मूल मूल्यों और मार्गदर्शक आदर्शों को ईमानदारी से बनाए रखेंगे.

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सिन्हा ने चिट्ठी में कहा कि मैं 18 जुलाई, 2022 को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने आम उम्मीदवार के रूप में मुझे सर्वसम्मति से चुनने के लिए आपके और सभी विपक्षी दलों के नेताओं के प्रति कृतज्ञता की भावनाओं से अभिभूत हूं. मैं आपको उनके विश्वास और विश्वास के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं आपको और भारत के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि अगर मैं निर्वाचित होता हूं, तो मैं बिना किसी डर या पक्षपात के भारतीय संविधान के मूल मूल्यों और मार्गदर्शक आदर्शों को ईमानदारी से बनाए रखूंगा. विशेष रूप से संविधान के संरक्षक के रूप में मैं कार्यपालिका द्वारा लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रोशनी को कम नहीं होने दूंगा.

24 जून को एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने भरा था नामांकन

21 जून को सिन्हा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष ने सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक बैठक के दौरान विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनके नाम की घोषणा की थी. बता दें कि सिन्हा ने 2018 में भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी थी, पिछले साल टीएमसी में शामिल हुए थे. 

उधर, एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने 24 जून को चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था. भारत के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है. 

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