scorecardresearch
 

3 साल से यूज नहीं किया था अकाउंट... बैंक अधिकारी ने DIG के खाते से ट्रांसफर कर लिए 26 लाख

84 साल के रिटायर्ड डीआईजी ने 3 साल से अपना बैंक अकाउंट ऑपरेट नहीं किया था. अकाउंट का स्टेट्स देख एक बैंक अधिकारी को लालच आ गया. जिसके बाद उसने डीआईजी के बैंक खाते से अपने खाते में 26 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए.

Advertisement
X
Bank fraud Guwahati File Photo
Bank fraud Guwahati File Photo

रविवार को असम के गुवाहाटी में एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जिसने एक रिटायर्ड डीआइजी के बैंक अकाउंट से 26 लाख रुपये निकाल लिया था. इस गिरफ्तारी की जानकारी एक अधिकारी ने दी. पीटीआई के हवाले से आई खबर में गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर दिगंता बराह ने बताया कि पूर्व डीआइजी भाबधर दत्ता जिनकी उम्र 84 साल है. उन्होंने दिसपुर पुलिस स्टेशन में गुवाहाटी में एक शिकायत दर्ज की थी. जिसमें भाबधर दत्ता ने कहा था कि उनके बराबरी बैंक अकाउंट से अनाधिकृत रूप से 26 लाख रुपये से निकाल लिया गया है. जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में लग गई.

Advertisement

शुरुआती जांच में पता चला है कि इस हेरफेर को अंजाम देने में तीन लोगों का अहम हाथ है.  जिसमें से एक व्यक्ति पहले बराबरी बैंक का मैनेजर था, जो अभी दिसपुर में बैंक की विशिष्ट मुद्रा प्रशासन शाखा में डिप्टी मैनेजर है. उसने कथित तौर पर ये लेनदेन इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से किया था.

पुलिस कमिश्नर दिगंता बराह ने कहा है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि वो लंबे समय से धोखाधड़ी और अनधिकृत ट्रांजेक्शन के लिए निष्क्रिय खातों को निशाना बनाता था. उन खातों को वो टार्गेट करता था जिन से लेन-देन कम होता है. जांच के दौरान पता चला है कि भाबधर दत्ता के खाते से उनका मोबाइल नंबर नहीं जुड़ा था, साथ ही पिछले तीन साल में बैंक खाते से कोई भी लेन देन नहीं हुआ था. दिगंता ने आगे कहा कि इसके अलावा आरोपी ने इस फ्रॉड को अंजाम देने के लिए एक और आदमी की सहायता ली थी. जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

Advertisement

इस व्यक्ति ने मैनेजर को सिम कार्ड और मोबाइल फोन को उपलब्ध कराने और बैंक खाते से जोड़ने में मदद की थी. जिसके बाद बिना भाबधर दत्ता की जानकारी के बिना यूजर आईडी और पासवर्ड बना लिया था और इस धोखाधड़ी को अंजाम देता था. 

भाबधर दत्ता इस खाते का इस्तेमाल काफी लंबे समय से नहीं कर रहे थे. जिस वजह से आरोपी को लगा था कि अकाउंट होल्डर की मौत हो गई है. 


कमिश्नर दिगंता बराह के अनुसार आरोपी ने माना है कि उसने भाबधर दत्ता के खातों से निकाले गए पैसों से अपने सभी कर्ज को चुका दिया है, जो उसने दूसरों से लिया था. इसके अलाव कुछ पैसों को उसने स्टॉक मार्केट में भी निवेश कर दिया है. इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दिया है और जांच कर रही है कि आरोपी ने और कितने बैंक खातों को अपना निशाना बनाया है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement