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ब्लड सैंपल बदलने के लिए हुई थी मीटिंग... 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए पुणे पोर्श कांड के आरोप अग्रवाल दंपति

पुणे पोर्श कांड मामले में शुक्रवार को अदालत में विशाल अग्रवाल और शिवानी अग्रवाल के खून की अदला-बदली के मामले और अशफाक मकंदर के मामले की सुनवाई है, जिसमें पैसे का लेनदेन भी शामिल है. क्राइम ब्रांच के एसीपी गोवेकर ने कहा कि, पैसों के लेन-देन से पहले अशफाक मकंदर और विशाल अग्रवाल की मुलाकात हुई थी.

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पुणे पोर्श कांडः 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए अग्रवाल दंपति
पुणे पोर्श कांडः 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए अग्रवाल दंपति

पुणे पोर्श कांड मामले में शुक्रवार को नाबालिग आरोपी के माता-पिता अग्रवाल दंपति की मु्श्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. शुक्रवार को सामने आए अपडेट के मुताबिक अग्रवाल दंपति को  14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. शिवानी अग्रवाल, विशाल अग्रवाल और अशफाक मकंदर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

सैंपल बदलने के लिए कहां हुई थी मीटिंग
असल में सामने आया है कि ब्लड सैंपल बदले जाने से पहले नाबालिग को बचाने के लिए एक अहम बैठक हुई थी. ये मीटिंग विशाल अग्रवाल, शिवानी अग्रवाल और अशफाक मकंदर के बीच हुई थी. पुलिस ये जानने में जुटी है कि तीनों के बीच ये मीटिंग कहां हुई थी और उस वक्त कौन-कौन मौजूद था.

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शुक्रवार को खत्म हुई थी हिरासत
इससे पहले, पुणे की एक अदालत ने पोर्श कार दुर्घटना में कथित रूप से शामिल 17 वर्षीय किशोर के माता-पिता और एक अन्य आरोपी की पुलिस हिरासत 14 जून तक बढ़ा दी थी. पुलिस ने अदालत को बताया कि किशोर के माता-पिता द्वारा रक्त के नमूने नष्ट करने की प्रबल संभावना है. इसलिए, उनसे पूछताछ की आवश्यकता है. शुक्रवार को उनकी हिरासत खत्म हुई तो उन्हें एक बार फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. 

पैसे का भी हुआ था लेनदेन
वहीं  शुक्रवार को अदालत में विशाल अग्रवाल और शिवानी अग्रवाल के खून की अदला-बदली के मामले और अशफाक मकंदर के मामले की सुनवाई है, जिसमें पैसे का लेनदेन भी शामिल है. क्राइम ब्रांच के एसीपी गोवेकर ने कहा कि, पैसों के लेन-देन से पहले अशफाक मकंदर और विशाल अग्रवाल की मुलाकात हुई थी. हम जानना चाहते हैं कि वहां और कौन था. इसके अलावा तीन लाख के अलावा एक लाख रुपये का और लेनदेन किया गया है. हम आगे की जांच करना चाहते हैं. क्राइम ब्रांच ने अशफाक मकंदर की 3 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी. 

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अशफाक के वकील ने क्या दी दलील?
वहीं, अशफाक के वकील ने दलील दी है कि, अशफाक पहले ही 10 दिन की पुलिस हिरासत पूरी कर चुका है. ब्लड स्वैपिंग प्रक्रिया के दौरान ससून के वार्ड 40 में विशाल अग्रवाल और अशफाक मौजूद थे या नहीं, इसकी अभी भी जांच चल रही है. सीसीटीवी फुटेज किसी भी आरोपी के पास नहीं था. यह सरकारी संपत्ति है. आरोपी अशफाक येरवडा पुलिस स्टेशन में मौजूद था. वित्तीय लेनदेन के मामले की जांच एसीबी करेगी. क्राइम ब्रांच किस आधार पर हिरासत मांग रही है?

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