आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा समेत 9 लोगों को 2 साल की सजा सुनाई गई है. मामला साल 2008 है, जिसमें अब 15 साल बाद सजा हुई है. जानकारी के अनुसार अमन अरोड़ा का अपने जीजा राजेंद्र दीपा के साथ पारिवारिक झगड़ा था. इसी को लेकर साल 2008 में शिकायत दर्ज हुई थी. अकाली दल के नेता राजेंद्र दीपा ने कहा भले ही फैसला देरी से आया लेकिन सही आया वह इसका स्वागत करते हैं.
15 साल पुराना है मामला
पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा और आठ अन्य को गुरुवार को संगरूर जिले की एक अदालत ने 15 साल पुराने मामले में दो साल की कैद की सजा सुनाई, जिसमें अरोड़ा के एक रिश्तेदार ने उन पर अपने घर में हमला करने का आरोप लगाया था. सुनाम के उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट गुरभिंदर सिंह जोहल की अदालत ने मंत्री के बहनोई राजिंदर दीपा की शिकायत पर 2008 में दायर एक मामले में अरोड़ा और आठ अन्य को दोषी ठहराया.
भगवंत मान कैबिनेट में मंत्री हैं अरोड़ा
भगवंत मान कैबिनेट में अरोड़ा के पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, मुद्रण और स्टेशनरी, रोजगार सृजन और प्रशिक्षण और शासन सुधार विभाग हैं. इस मामले में नौ लोगों पर आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें 452 (घर-अतिचार) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा) शामिल है. अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 452 के तहत दो साल की कैद और धारा 323 के तहत एक साल की सजा सुनाई. दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी.
अकाली नेता राजिंदर दीपा ने दर्ज कराई थी शिकायत
बता दें कि, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा समेत 9 अन्य को सुनाम कोर्ट ने 2 साल कैद की सजा सुनाई है. 2008 में अमन अरोड़ा के बहनोई और अकाली नेता राजिंदर दीपा ने इन लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज कराया था. उनके खिलाफ आईपीसी 452, आईपीसी 323 और 149 और आईपीसी 148 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इस मामले में अदालत ने गुरुवार को सजा सुनाई है.
ऊपरी अदालत में जाएंगे अरोड़ा
दोषी ठहराए जाने के बाद अरोड़ा ने संगरूर में संवाददाताओं से कहा कि वह फैसले के खिलाफ उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और उन्हें न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि 2012 में उनके और दीपा के बीच समझौता हो गया था लेकिन उनके जीजा अपने वादे से मुकर गए. दीपा का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील सुशील ने कहा कि दीपा ने दस लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिनमें से एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई. उन्होंने कहा कि दोषियों ने अदालत के समक्ष एक आवेदन दिया कि वे ऊपरी अदालत में अपील दायर करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, अपील दायर करने के लिए उनके पास 30 दिन की समयावधि है.