scorecardresearch
 

नगरोटा एनकाउंटर के बाद पंजाब पुलिस अलर्ट, बामियाल सेक्टर में सर्च ऑपरेशन

पुलिस बामियाल सेक्टर पर लगातार चौकस है और सर्च अभियान चला रही है. पठानकोट के सभी सार्वजनिक स्थानों पर भी सर्च ऑपरेशन किए जा रहे हैं. पुलिस ने बस स्टैंड पर बाहरी राज्यो से आने वाले लोगों से भी पूछताछ की है. 26/11 की बरसी पर आतंकियों के नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए देश में हर जगह सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

Advertisement
X
नगरोटा एनकाउंटर के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई (फाइल-पीटीआई)
नगरोटा एनकाउंटर के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नगरोटा एनकाउंटर के बाद पंजाब पुलिस सतर्क
  • पाक सीमा से सटे बामियाल सेक्टर में चौकसी बढ़ी

जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के बाद पंजाब पुलिस सतर्क हो गई है. राज्य से सटे सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस बीच भारत-पाक सीमा के साथ लगते बामियाल सेक्टर में भी पुलिस द्वारा लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है.

Advertisement

पुलिस बामियाल सेक्टर पर लगातार चौकस है और सर्च अभियान चला रही है. जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों पर भी सर्च ऑपरेशन किए जा रहे हैं. पुलिस ने बस स्टैंड पर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों से भी पूछताछ की है. 26/11 की बरसी पर आतंकियों के नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए देश में हर जगह सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

इस बीच भारत ने आज शनिवार को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में आतंकी हमले की साजिश को नाकाम किए जाने के बाद पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी को तलब कर विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पड़ोसी मुल्क अपनी जमीन पर आतंक को पनाह देना बंद करे.

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में 19 नवंबर 2020 को एक बड़े आतंकी हमले के मंसूबे को नाकाम कर दिया. शुरुआती रिपोर्ट्स में पता चला है कि नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे.

Advertisement

देखें: आजतक LIVE TV

भारत सरकार ने जैश के लगातार आतंकी हमलों को लेकर चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अतीत में भी जैश भारत के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम देता रहा है. पिछले साल फरवरी में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में भी जैश का हाथ था. एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के पास से बरामद हथियार और बारूद इसकी तस्दीक करते हैं कि आतंकी जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को भंग करना चाहते थे. खासकर आतंकी केंद्र शासित प्रदेश में होने वाली जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव को बाधित करना चाहते थे.

Advertisement
Advertisement