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Assembly Election dates 2022: यूपी-पंजाब-उत्तराखंड-गोवा और मणिपुर की चुनाव तारीखों का ऐलान, 10 फरवरी से मतदान, जानें अपने राज्य की डेट

Assembly Election dates 2022: उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में आज विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है. कोरोना की चुनौतियां, ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है.

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पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान (Illustration: Rahul Gupta/India Today)
पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान (Illustration: Rahul Gupta/India Today)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना नियमों के साथ होंगे चुनाव
  • वर्चुअल माध्यम से चुनाव प्रचार को दें बढ़ावा: CEC
  • 'सुविधा' ऐप के जरिये ऑनलाइन नामांकन कर सकेंगे उम्मीदवार

Vidhan Sabha Chunav 2022 Dates: उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में आज विधानसभा चुनाव का नगाड़ा बज चुका है. कोरोना की चुनौतियां, ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. चुनाव आयोग ने 10 फरवरी से चुनाव की घोषणा की है. जिसमें यूपी में सात चरणों, मणिपुर में दो चरणों में चुनाव होंगे. इसके अलावा पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में एक एक चरण में चुनाव होंगे.  

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चुनाव आयोग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस बार देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में 18.3 करोड़ मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे. 

आपको बता दें कि आज शनिवार को चुनाव के तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो चुकी है. वहीं इस बार इन पांच राज्यों में सख्त कोरोना प्रोटोकॉल के साये में विधानसभा चुनाव होंगे.

यूपी में सात चरणों में चुनाव - 

पहला चरण - 10 फरवरी
दूसरा  चरण - 14 फरवरी
तीसरा चरण - 20 फरवरी
चौथा चरण - 23 फरवरी
पांचवा चरण - 27 फरवरी 
छठा चरण - 03 मार्च
सातवां चरण - 07 मार्च

मणिपुर में दो चरणों में होगा चुनाव - 

पहला चरण - 27 फरवरी 
दूसरा चरण - 03 मार्च

इसके अलावा पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में एक चरण में 14 फरवरी को होगा चुनाव. वहीं 10 मार्च को इन पांचों राज्यों के चुनावी नतीजे आएंगे, मतगणना होगी. 

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चुनाव आयोग की मुख्य बातें - 

>> 18.3 करोड़ मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे
>> पोलिंग बूथ ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाएंगे 
>> यूपी में 29 फीसदी मतदाता पहली बार मतदान करेंगे
>> पांच राज्यों में 2 लाख 15 हजार 368 पोलिंग बूथ होंगे
>> 24.9 लाख नए वोटर बढ़े, पोलिंग स्टेशन में 16% की बढ़ोतरी
>> गैरकानूनी पैसे, शराब पर रखी जाएगी कड़ी नजर, सभी एजेंसी भी अलर्ट पर
>> 80+ के मतदाता के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा रहेगी
>> वोटर को पहली बार चुनाव नियमों की पर्ची दी जाएगी
>> सुविधा ऐप के जरिये ऑनलाइन नामांकन कर सकेंगे उम्मीदवार  
>> सभी चुनावकर्मियों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लगी होगी
>> चुनाव के दौरान किसी भी गलत गतिविधि के लिए Cvigil एप पर शिकायत दर्ज की जाएगी 
>> यूपी में 90 फीसदी लोग कोरोना के खिलाफ वैक्सीन की पहली डोज़ ले चुके हैं
>> गोवा की ज्यादातर आबादी को लग चुकी है कोरोना वैक्सीन
>> पोलिंग की टाइमिंग एक घंटे ज्यादा रहेगी
>> डिजिटल, वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार करें राजनीतिक पार्टियां, पदयात्रा और रोड शो पर पाबंदी
>> 15 जनवरी तक पदयात्रा, रोड शो, साइकिल और बाइक रैली पर रोक
>> रात आठ बजे के बाद चुनाव प्रचार पर रोक
>> जीत के बाद विजय जुलूस पर रोक
>> ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल माध्यम को बढ़ावा देने पर जोर
>> घर-घर पांच लोगों के प्रचार की इजाजत
>> 14 जनवरी को पहला नामांकन
>> यूपी में सात चरणों में होगा चुनाव
>> मणिपुर में दो चरणों में होंगे चुनाव
>> पंजाब-उत्तराखंड में एक-एक चरण में होगा मतदान
>> 10 मार्च को पांचों राज्यों में होगी वोटों की गिनती

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चुनाव आयोग के ऐलान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में चुनाव होगा. यहां 403 विधानसभा सीटें हैं. जबकि पंजाब में एक चरण में चुनाव सम्पन्न कराया जाएगा. सुरक्षा की दृष्टि से मणिपुर में 2 चरणों में मतदान होगा. जबकि उत्तराखंड, गोवा में एक एक चरण में चुनाव होंगे. बता दें कि उत्तराखंड में 70 सीटों पर चुनाव होने हैं. इसके अलावा पंजाब में 117, मणिपुर में 60 तो गोवा में 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे. 
 

क्या थी 2017 की तस्वीर?

बता दें कि 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने बंपर बहुमत के दम पर सरकार बनाई थी. तब यहां 403 सीटों में से बीजेपी को 312 सीटें मिली थीं. 2012 से लेकर 17 तक सत्ता में रहने वाली सपा मात्र 47 सीटों पर आकर सिमट गई थी. इस चुनाव में बीएसपी को 19, कांग्रेस को 7 और अन्य को 5 सीटें मिली थी. यहां योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी थी.  

अगर उत्तराखंड की बात करें तो यहां बीजेपी अपने दम पर सरकार में आई थी. यहां 70 सीटों में से बीजेपी ने 56 सीटें जीती थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 11 सीटें आई थी. उत्तराखंड में बीजेपी पिछले 5 साल में 3 सीएम बदल चुकी है. बीजेपी ने यहां त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में सरकार बनाई. कुछ महीनों बाद तीरथ सिंह रावत सीएम बने. तो एक बार फिर उन्हें हटाकर पुष्कर सिंह धामी को पार्टी ने सीएम बनाया है. 

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अगर पंजाब की बात करें तो यहां कैप्टन अमिरंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने 10 साल से सत्ता में रहे अकाली दल और बीजेपी की जोड़ी को सत्ता से बेदखल कर दिया था. 117 सीटों वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मोदी लहर को नाकाम करते हुए 77 सीटें जीती थी. जबकि अकाली दल को 15 सीटें मिली थी. बीजेपी 03 सीटें ही जीत सकी थी. लेकिन सबसे कमाल किया था आम आदमी पार्टी ने.

पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आप ने 20 सीटें जीतकर सभी को हैरान कर दिया था. हालांकि 5 साल में सीन पूरा बदल चुका है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ दी है, अब उन्होंने नई पार्टी गठन कर ली है और अब उनकी पार्टी का गठबंधन बीजेपी के साथ है. 
 

उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल

उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई 2022 को पूरा हो रहा है. ऐसे में 14 मई से पहले हर हाल में विधानसभा और नई सरकार के गठन की प्रकिया पूरी होनी है. उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं. पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2017 में हुआ था. बीजेपी की अगुवाई में एनडीए 325 सीटें जीतकर सत्ता में आया था और योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. सीएम योगी बीजेपी के पहले सीएम हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है.
 

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उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल

70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च को खत्म हो रहा है. राज्य में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 57 सीट जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी जबकि विपक्षी दल कांग्रेस को महज 11 सीटें मिली थीं. त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन चार साल बाद उन्हें हटाकर बीजेपी ने पहले तीरथ सिंह रावत और महज कुछ महीने बाद पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया.
 

पंजाब विधानसभा का कार्यकाल

पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 27 मार्च 2022 को समाप्त हो रहा है. 117 सीटों वाले पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 77 सीटें जीतकर दस साल बाद सत्ता में लौटी जबकि शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन केवल 18 सीटों तक सिमट गया. आम आदमी पार्टी 20 सीट जीतकर मुख्य विपक्षी दल बनी. कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने लेकिन चार साल के बाद कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर को हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना दिया. पंजाब में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 59 सीटों का आंकड़ा हासिल करना होगा.


मणिपुर की विधानसभा का कार्यकाल

पूर्वोत्तर के 60 सीटों वाले राज्य मणिपुर की विधानसभा का कार्यकाल 19 मार्च 2022 को समाप्त हो रहा है. ऐसे में इससे पहले राज्य में सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. 2017 में मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी 24 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप उभरी थी. कांग्रेस 17 विधायकों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी. बीजेपी ने एनपीपी, एलजेपी और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई और एन बीरेंद्र सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने.

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गोवा की विधानसभा का कार्यकाल

40 सीटों वाले गोवा की विधानसभा का कार्यकाल 15 मार्च को समाप्त हो रहा है. राज्य में पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2017 में हुआ था. कांग्रेस 15 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन वो सरकार नहीं बना सकी. बीजेपी ने 13 सीटें जीतीं और वो एमजीपी, जीएफपी व दो निर्दलीय विधायकों के सहारे सरकार बनाने में सफल रही. मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री बने, लेकिन 17 मार्च 2019 को मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद डॉ. प्रमोद सावंत को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया.


     

     

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