राफेल लड़ाकू विमान के सौदे को लेकर कांग्रेस एकबार फिर हमलावर हो गई है. देश के पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने सरकार पर हमला बोला है. एके एंटनी ने सरकार की मन्शा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पहली नजर में भ्रष्टाचार नजर आ रहा है. इस मामले की जांच और दोषियों को सजा देने को लेकर सरकार की चुप्पी भ्रष्टाचार को दबाने की मन्शा दर्शाती है.
एंटनी ने कहा कि सरकार के पास राफेल मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच के आदेश देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा है कि राफेल सौदे में भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस का रुख सही साबित हुआ. देश के पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि राफेल सौदे की फ्रांसीसी लोक अभियोजन एजेंसी से जांच कराने के आदेश को 48 घंटे बीत गए लेकिन सरकार इसपर मौन है. यह चुप्पी रहस्यमयी है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सवाल किया कि सरकार ने चुप रहना क्यों चुना. फ्रांस की लोक अभियोजन एजेंसी की ओर से इस सौदे में भ्रष्टाचार और लाभ पहुंचाए जाने की जांच के लिए न्यायधीश की नियुक्ति पर पीएम आगे आकर प्रतिक्रिया क्यों व्यक्त नहीं कर रहे.
उन्होंने कहा कि सरकार चुप्पी साध भ्रष्टाचार को लेकर अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती. एंटनी ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या यह सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि वह सामने आए और राफेल सौदे में भ्रष्टाचार होने की बात को स्वीकार करे.
देश के पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार के सामने अब यही रास्ता है कि वह जवाबदेही को स्वीकार करे और राफेल सौदे को लेकर लगाए जा रहे आरोप, तथ्यों की जांच के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जेपीसी जांच का आदेश दे. गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राफेल सौदे को मुद्दा बनाया था और इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. सरकार सभी आरोप खारिज करती रही है.