बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन और पीएम आवास पर प्रदर्शनकारियों के कब्जे के बाद स्थिति ऐसी बनी कि पीएम रहीं शेख हसीना को तुरंत इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा. वह सोमवार शाम को भारत पहुंची और अभी गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में मौजूद हैं. उधर, भारत में इस मसले को लेकर सियासत में उथल-पुथल है.
विदेश मंत्री से राहुल गांधी ने की बात
पीएम आवास में सीसीएस की अहम बैठक हुई तो वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पीएम मोदी को बांग्लादेश की हालत पर ब्रीफ किया. उधर, सामने आया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने भी विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस बाबत सवाल पूछे. एस जयशंकर ने कहा कि हालात पर हम नजर बनाए हुए हैं, जैसे ही कुछ आएगा. अपडेट करेंगे.
राहुल गांधी ने पूछे ये सवाल
जानकारी के मुताबिक, सामने आया है कि, सोमवार को जब लोकसभा अगले दिन के लिए स्थगित हुई तो राहुल गांधी अपनी सीट से उठकर सदन में एस जयशंकर के पास गए. उन्होंने विदेश मंत्री से पूछा कि बांग्लादेश में क्या हो रहा है? सरकार का स्टैंड क्या है, क्या शेख हसीना आई हैं? इसके अलावा भी उन्होंने ऐसे ही कुछ और सवाल भी पूछे. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सवालों के सुनकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हालात पर हम नजर बनाए हुए हैं, जैसे ही कुछ आएगा. अपडेट करेंगे.
बांग्लादेश में पीएम हाउस में घुसे प्रदर्शनकारी
बांग्लादेश में हजारों प्रदर्शनकारी सोमवार को राजधानी ढाका में शेख हसीना के आधिकारिक आवास में घुस गए और तोड़फोड़ की. प्रदर्शनकारियों ने उनके पिता मुजीबुर्रहमान की मूर्ति को हथौड़ों से तोड़ दिया और उनकी पार्टी के कार्यालयों में आग लगा दी. 76 वर्षीय हसीना ने अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच इस्तीफा दे दिया है.
बांग्लादेश में क्यों भड़की हिंसा?
1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए 30% सरकारी नौकरियों को आरक्षित करने वाली कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग के साथ पिछले महीने शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन, बाद में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया. सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान की ओर से शेख हसीना के इस्तीफे की घोषणा के बाद अपनी जीत का जश्न मनाने के लिए देश भर में उत्साही भीड़ सड़कों पर उतर आई.
शेख मुजीब की मूर्ति पर चलाया हथौड़ा
शेख हसीना के इस्तीफे से उनकी 15 साल की सत्ता समाप्त हो गई. हजारों प्रदर्शनकारियों ने सैन्य कर्फ्यू का उल्लंघन किया और उनके आधिकारिक आवास पर धावा बोल दिया. सोशल मीडिया पर वीडियो में प्रदर्शनकारियों को ढाका में 1971 के मुक्ति संग्राम के नायक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्ति पर चढ़कर हथौड़ों से उसे तोड़ते हुए देखा जा सकता है.