सावरकर मानहानि मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को इलहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से झटका लगा है. कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन आदेश रद्द करने से इनकार कर दिया है.
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अदालत में लंबित सावरकर मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत देने से इनकार कर दिया है. राहुल गांधी ने याचिका में सत्र न्यायालय के उस आदेश को भी चुनौती दी थी, जिसमें शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडे द्वारा जून 2023 में उनकी शिकायत खारिज किए जाने के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका को अनुमति दी थी.
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि राहुल गांधी के पास धारा 397 सीआरपीसी (धारा 438 बीएनएसएस) के तहत सत्र न्यायाधीश के समक्ष जाने का विकल्प है. इसे देखते हुए अदालत ने उनकी याचिका रद्द कर दी.
क्या है मामला?
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अकोला में एक रैली में वीर सावरकर पर निशाना साधते हुए विवादित बयान दिया था. उनके इस बयान के बाद देशभर में कई जगह उनके खिलाफ मामले दर्ज कराए गए थे. लखनऊ में वकील नृपेंद्र पांडेय ने भी इस बयान के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल ने जानबूझकर सावरकर की आलोचना है और उनका ये बयान स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है.