उत्तर रेलवे ने पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. रेलवे सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि दोनों खिलाड़ियों को "जितनी जल्दी हो सके" उतनी जल्द पदमुक्त किए जाने की उम्मीद है.
पूनिया और फोगाट दोनों हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं. विनेश को कांग्रेस ने हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है. एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने बताया, "रेलवे कर्मचारी द्वारा इस्तीफा देने के बाद तीन महीने की नोटिस अवधि की सेवा करने का प्रावधान है लेकिन यह नियम दोनों खिलाड़ियों को पदमुक्त करने के आड़े नहीं आएगा क्योंकि हमने उनके मामलों में मानदंड में ढील देने का फैसला किया है."
जल्द ही किया जाएगा दोनों खिलाड़ियों को पदमुक्त
रेलवे सूत्रों ने बताया कि दोनों खिलाड़ियों को "संभवतः आज या जितनी जल्दी हो सके पदमुक्त कर दिया जाएगा." उत्तर रेलवे (एनआर) ने पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जब उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी पार्टी में शामिल होने के लिए मुलाकात की थी.
यह भी पढ़ें: विनेश फोगाट ने अपने ससुराल से फूंका चुनावी बिगुल, जुलाना में 15 साल से नहीं जीत पाई है कांग्रेस
लगाई जा रही थी ये अटकलें
उत्तर रेलवे ने कहा था कि कारण बताओ नोटिस सेवा मानदंड का हिस्सा था क्योंकि वे सरकारी कर्मचारी थे. नोटिस के बाद, दोनों ने रेलवे से इस्तीफा दे दिया. ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि तीन महीने की नोटिस अवधि के नियम के कारण फोगाट चुनाव नहीं लड़ पाएंगी.
चुनाव नियमों के अनुसार, चुनाव लड़ने के लिए उन्हें रेलवे से आधिकारिक रूप से मुक्त होना होगा. उत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि अब चूंकि रेलवे ने विनेश फोगाट के इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, इसलिए उनके चुनाव लड़ने में कोई बाधा नहीं है.
यह भी पढ़ें: Vinesh Phogat Salary: रेलवे में OSD की नौकरी छोड़ी... जानिए अभी कितना कमा रही हैं विनेश फोगाट
आपको बता दें कि कांग्रेस की सदस्यता लेने से पहले विनेश फोगाट ने रेलवे की नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था. विनेश फोगाट उत्तर रेलवे में OSD की पद पर तैनात थीं. विनेश ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि रेलवे की सेवा जीवन का सबसे यादगार और गौरवपूर्ण समय रहा है. उन्होंने त्यागपत्र में लिखा, 'मैं रेलवे परिवार की हमेशा आभारी रहूंगी.' इस पद पर रहते हुए विनेश फोगाट की सैलरी मंथली 1 लाख रुपये से ज्यादा थी.