लद्दाख सीमा पर जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के दौरे पर हैं. शुक्रवार को राजनाथ सिंह चीन के रक्षा मंत्री वे फेंग से मुलाकात कर सकते हैं. चीन की ओर से इस मुलाकात की अपील की गई थी, जिसे भारत स्वीकार कर सकता है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को पहुंचे हैं. जहां पर गुरुवार को उन्होंने रूसी रक्षा मंत्री से मुलाकात की थी. इसी दौरान गुरुवार को चीन की ओर से अपील की गई थी कि चीनी रक्षा मंत्री वे फेंग भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करना चाहते हैं.
हालांकि, गुरुवार को भारत की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी. लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि ये मुलाकात हो सकती है. मुलाकात कब होगी अभी इसकी आधिकारिक जानकारी आना बाकी है. इससे पहले जून महीने में जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस पहुंचे थे, तब भी उन्होंने चीनी प्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं की थी.
रूस में होने वाली इस मुलाकात को लेकर चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि अगर ऐसा होता है तो अच्छा होगा. लिखा गया है कि इस मुलाकात से अबतक जो भी गलत अंदेशे सामने आए हैं, वो दूर होंगे. अगर बातचीत से इस विवाद का हल निकलता है तो दोनों के लिए बेहतर होगा.
आपको बता दें कि अगर ये मुलाकात होती है तो चीन और भारत के बीच मई से शुरू हुए तनाव के बाद ये अबतक की सबसे अहम मीटिंग होगी. मई में चीन ने LAC पर हालात बिगाड़े थे, जिसके बाद जून में हिंसक झड़प हो गई थी. अब अगस्त के आखिर से एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हुए हैं.
30 अगस्त को चीनी सेना ने लद्दाख के पैंगोंग इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारत ने नाकाम किया. भारत की ओर से सैन्य और डिप्लोमेटिक लेवल पर इसका विरोध जताया गया. हालांकि, भारत ने लद्दाख के पैंगोंग में काला टॉप और हेल्मेट टॉप पर कब्जा कर लिया है जो रणनीतिक तौर पर काफी अहम हैं.
पिछले पांच दिनों से हर रोज बॉर्डर पर भारत और चीन के ब्रिगेड कमांडर की बात हो रही है. लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. बॉर्डर पर हालात का जायजा लेने पहुंचे सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे का शुक्रवार को अहम बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि स्थिति काफी नाजुक और गंभीर है.