संसद का बजट सत्र चल रहा है और चालू सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई. विपक्षी दलों ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर लोकसभा और राज्यसभा, संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया. हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 और राज्यसभा की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तब भी विपक्षी सांसद नारेबाजी करने लगे.
नारेबाजी करते सदस्यों से शांति के साथ सदन की कार्यवाही चलने देने की गुजारिश करने के लिए सभापति जगदीप धनखड़ खड़े हुए. जगदीप धनखड़ ने बोलना शुरू किया तब विपक्षी सांसद हंगामा करते हुए वेल में आ गए और आसन के करीब पहुंचकर नारेबाजी करने लगे. इसे लेकर सभापति जगदीप धनखड़ विपक्षी सांसदों पर भड़क गए.
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पर भड़क गए. उन्होंने कहा कि मिस्टर संजय सिंह, आप मुझे फोर्स कर रहे हो. राज्यसभा के सभापति ने इसके बाद जो सदस्य वेल में आए, उसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए क्वेश्चन नोट के साथ सदन की कार्यवाही 6 फरवरी को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
दरअसल, राज्यसभा में विपक्षी सांसद हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट, अडानी ग्रुप पर लगे आरोप को लेकर चर्चा की मांग कर रहे थे. सदन की कार्यवाही जब शुरू हुई, विपक्ष की ओर से स्थगन प्रस्ताव के 15 नोटिस दिए गए थे. सभापति जगदीप धनखड़ ने ये सभी नोटिस यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिए कि नियम 267 और 8 दिसंबर 2022 को जारी गाइडलाइंस का पालन नहीं करते.
राज्यसभा के सभापति ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की और कहा कि संसद लोकतंत्र का सार है. यह लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को लेकर चर्चा, विचार-विमर्श का स्थान है न कि हंगामे का. उन्होंने कहा कि हमें नियमों के मुताबिक काम करने की जरूरत है. राज्यसभा में नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव की नोटिस देने वालों में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सैयद नासिर हुसैन, प्रमोद तिवारी, कुमार केटकर और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी शामिल थे.