scorecardresearch
 

'सीधी बात' में बोले राकेश टिकैत- चुनाव लड़ने का इरादा नहीं, दो बार जब्त हो चुकी है जमानत

किसान नेता राकेश टिकैत ने ‘सीधी बात’ कार्यक्रम के होस्ट प्रभु चावला के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. दूसरी बार आरएलडी से चुनाव लड़ा. लेकिन दोनों बार जमानत जब्त हो गई.

Advertisement
X
'सीधी बात' में राकेश टिकैत
'सीधी बात' में राकेश टिकैत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली हिंसा पर राकेश टिकैत का बड़ा बयान
  • दिल्ली पुलिस को बंधक बनाकर एक साजिश रची गई
  • जिसने लाल किले में भीड़ को घुसने दिया वो माफी मांगे

गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली के लाल किला और आसपास के कई हिस्सों में जमकर उपद्रव हुआ. दिल्ली हिंसा में कई पुलिसवाले घायल हुए. इस दौरान सबसे ज्यादा विवाद लाल किला पर धार्मिक झंडा फहराने को लेकर हुआ, जिसको लेकर जमकर सियासत देखने को मिली. ऐसे में इन सब मुद्दों और और चुनाव लड़ने के सवाल पर भी किसान नेता राकेश टिकैत ने आजतक के ‘सीधी बात’ कार्यक्रम में बेबाकी से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को बंधक बनाकर एक साजिश रची गई. जिस दिन पर्दाफाश होगा, एक किताब लिखी जाएगी. 

Advertisement

किसान नेता राकेश टिकैत ने ‘सीधी बात’ कार्यक्रम के होस्ट प्रभु चावला के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ट्रैक्टर परेड में भड़की हिंसा के लिए हम माफी नहीं मांगेंगे. जिसने लाल किले में भीड़ को घुसने दिया वो माफी मांगे. ये सब पुलिस और सरकार का किया धरा है. उनकी ही साजिश थी किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए. 

जब टिकैत से पूछा गया कि वे किसान हैं या नेता तो टिकैत ने कहा, 'आगे चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है. बस ट्रैक्टर चलाने का शौक है, बुवाई के दिनों में पूरे-पूरे दिन ट्रैक्टर चलाता हूं.' उन्होंने आगे कहा कि पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. दूसरी बार आरएलडी से चुनाव लड़ा. लेकिन दोनों बार जमानत जब्त हो गई.

क्या यूपी में चुनाव लड़ेंगे? इस सवाल पर किसान नेता ने कहा कि नहीं हमें चुनाव नहीं लड़ना. चुनाव लड़ना सबसे बड़ी बीमारी है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हमें वोट देने का हक है तो चुनाव लड़ने का भी हक है.

Advertisement

टिकैत ने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने जो रास्ते हमें लिखित में दिए थे उन पर बैरीकेडिंग की गई और एक तरफ से लोगों को दिल्ली में घुसने दिया गया. लालकिले में हिंसा होना एक साजिश है. लाल किले पर चढ़ाने वाले कौन थे. जल्द इसका खुलासा होगा तब लोगों को असलियत पता चलेगी. 

‘सीधी बात’ कार्यक्रम में राकेश टिकैत ने कहा कि हम चार लाख ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में आए और 5 बजे तक पूरी दिल्ली खाली हो गई. टिकैत ने कहा कि मैं गांधी को मानने वाला हूं. उन्होंने कहा कि हमारे संगठन का दुनिया के 73 देशों में काम कर रहे समान विचारधारा वाले संगठनों से गठजोड़ है.

Advertisement
Advertisement