अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के भव्य समारोह की तैयारियों अंतिम चरण में है. राम मंदिर में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. दूसरी ओर फतेगढ़ की जनता के सहयोग से तैयार हुए विशाल राम मंदिर का भी लोकार्पण 22 जनवरी को होना है.
इस भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण नयागढ़ जिले के भापुर ब्लॉक भाग्यगढ़ गांव में श्री राम पहाड़ी पर किया गया है. यह मंदिर बैकुलम पत्थर की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ पहाड़ों की अतुलनीय हरियाली के बीच स्थित है. इस पर्वत पर दशकों से भगवान गोवर्धन की पूजा की जाती रही है.
ग्रामीणों की मदद से शुरू हुआ मंदिर का निर्माण
1912 में श्री जगन्नाथ के नवकालेबार के दौरान, भगवान सुदर्शन के दरू (ट्री) को इस स्थान से एकत्र किया गया था. इस दिव्यता की स्मृति में फतेहगढ़ के ग्रामीणों ने एक पहल की और श्री राम सेवा परिषद की स्थापना की थी और भापुर ब्लॉक के उपाध्यक्ष बेनीधर प्रधान को इस परिषद का अध्यक्ष बनाया गया था. इसके बाद साल 2017 में ग्रामीणों की मदद से मंदिर निर्माण का काम शुरू किया गया था.
1800 फीट ऊंची पहाड़ी पर है मंदिर
बता दें कि यह मंदिर फतेहगढ़ में 1800 फीट ऊपर पहाड़ी पर बने इस मंदिर की ऊंचाई 165 फीट है. इस मंदिर के निर्माण में पांच सालों से 150 से ज्यादा कर्मचारियों ने काम किया है. इस मंदिर के उद्घाटन समारोह में पुरी शंकराचार्य और महाराजा भाग लेंगे. इस मंदिर का उद्घाटन समारोह की प्रक्रिया 21 जनवरी से शुरु हो जाएगी.