दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में Rau's IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी में डूबने से तीन छात्रों की मौत के बाद से स्टूडेंट्स में गुस्सा बना हुआ है. ऐसे में मुखर्जी नगर में छात्र इन मौतों के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं. ये छात्र सड़कों को अवरुद्ध कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.
राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर में तीन छात्रों की मौत पर प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स ने सड़कें जाम कर कहा कि जितनी गलती कोचिंग सेंटर चलाने वाले मालिकों की है, उतनी ही गलती नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग की है. ऐसे में उन पर भी एक्शन होना चाहिए.
इस बीच मॉडल टाउन के एसडीएम राजीव सिन्हा देर रात प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने मुखर्जी नगर पहुंचे हैं. वह छात्रों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दे रहे हैं.
बता दें कि दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित RAU's IAS कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद से दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम का लगातार एक्शन जारी है. अब तक 19 सेंटर्स सील किए गए हैं. वहीं, इस हादसे की जांच के लिए गृह मंत्रालय ने एक कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी हादसे के कारणों का पता लगाएगी. वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मृतकों के परिवार वालों के लिए 10 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है.
इससे पहले सोमवार को एमसीडी ने नेहरू विहार स्थित कोचिंग सेंटर दृष्टि (द विजन) को सील कर दिया. एमसीडी ने बताया कि सर्वे के दौरान दिल्ली के नेहरू विहार स्थित टावर नंबर 1,2 और 3 के संयुक्त बेसमेंट में कोचिंग चलती हुई पाई गई, जिसे सील कर दिया गया है.
इससे पहले रविवार को दिल्ली नगर निगम ने बेसमेंट में अवैध रूप से चल रहे 13 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया था. साथ ही, कोचिंग सेंटरों पर नोटिस भी चस्पा कर दिया था.
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
इस मामले में राजेंद्र नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 290 (इमारतों को बनाते समय लापरवाही बरतने) के तहत केस दर्ज किया है.
मामले में पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक अभिषेक गुप्ता और कॉर्डिनेटर देशपाल सिंह समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
वहीं, हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) भी एक्शन मोड में आ गया है. एमसीडी ने बेसमेंट में अवैध रूप से चल रहे 19 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया है. ये एक्शन मुखर्जी नगर और राजेंद्र नगर में चल रहे कोचिंग संस्थानों पर हुआ है. रविवार को 13 और सोमवार को 6 संस्थानों पर कार्रवाई की गई है.
दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय ने बताया कि इस मामले में JE को टर्मिनेट और AE को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही दिल्ली में नगर निगम से परमिशन लिए बिना चल रहे कोचिंग सेंटर्स के खिलाफ एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं.
कैसे हुआ था हादसा?
शुरुआती जांच में सामने आया है कि शनिवार को भारी बारिश हुई थी, जिस कारण सड़क पर पानी भर गया था. ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण यही पानी कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में भर गया.
इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कई छात्र खुद को डूबने से बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. एक वीडियो में भारी बारिश के कारण कोचिंग सेंटर का मेन एंट्री गेट गिरता हुआ दिख रहा है, जिस कारण बेसमेंट में पानी भर गया.
बताया जा रहा है कि बेसमेंट में आने और जाने का रास्ता भी एक ही था. कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि एंट्री-एग्जिट का बायोमेट्रिक सिस्टम खराब हो गया था, जिस कारण छात्र यहां फंस गए थे.