किसानों से जुड़े मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक विवाद चल रहा है. किसानों और खेती से जुड़े तीन विधेयक अब रविवार को राज्यसभा में पेश किए जाएंगे. इन सब के बीच, केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह किसी दबाव में झुकने वाली नहीं है.
फिलहाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि यदि किसान मंडी से बाहर भी अपने उत्पाद बेच रहे हैं तो यह सुनिश्चित किया जाए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिले.
स्वदेशी जागरण मंच ने पीएम मोदी से कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे खरीद को गैर कानूनी घोषित किया जाना चाहिए. किसी को भी किसानों की उपज एमएसपी से नीचे खरीदने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए.
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े किसान संघ भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने संसदीय समिति द्वारा कृषि संबधी विधयकों को और जांचने परखने की मांग की है. भारतीय किसान संघ का कहना है कि इन विधयकों को पूरी तरह से जांचा परखा जाना जाहिए. विधयकों को पारित किए जाने की इतनी जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए.
भारतीय किसान संघ के महासचिव दिनेश कुलकर्णी चाहते हैं कि इसमें ऐसे प्रावधान होने चाहिए जिससे कोई भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर किसान की उपज न खरीद पाए.
दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि बिना एमएसपी के प्रावधान वाले विधयेक से किसान दुखी होंगे. इन विधयकों को राज्यसभा से पारित कराने से पहले इनमें बदलाव किया जाना चाहिए जिसमें एमएसपी भी शामिल है वरना इसे संसदीय समिति को भेज देना चाहिए.
बता दें कि कांग्रेस सहित विपक्ष पार्टियां किसानों से जुड़े तीन विधेयकों का विरोध कर रही हैं. विपक्षी दल इन विधेयकों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का दबाव बनाने की योजना पर काम कर रही हैं. बता दें कि कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य विधेयक, 2020 और कृषक कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 गुरुवार को लोकसभा में पारित कर दिए गए हैं.