उत्तर प्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को एक सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे. यह सत्संग सूरजपाल नाम के एक स्वयंभू बाबा का था. घटना के बाद से सूरजपाल उर्फ भोले बाबा को लेकर कई बड़े खुलासे हो चुके हैं. इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आजतक के डिबेट शो 'हल्ला बोल' में कई धर्मगुरु शामिल हुए.
इस दौरान हिंदू धर्मगुरु साध्वी विश्वरूपा ने दावा किया कि सूरजपाल अपने आश्रम में सिर्फ सुंदर महिलाओं को एंट्री देता था जो उसे दूध से नहलाती थीं. उन्होंने दावा किया कि उसी दूध से बनाई गई खीर को बाबा के भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता था.
'सत्संग का वीडियो बनाना था बैन'
साध्वी विश्वरूपा ने दावा करते हुए कहा, 'सभी को जाग्रत होना चाहिए. सही और गलत का भान होना चाहिए. अपने प्रवचन में वह 'मानवता' और 'सत्य की खोज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते थे. सबसे बड़ी मानवता तो उन्होंने वहीं पर दिखा दी जब उनके सामने ही भगदड़ मच रही थी, लोग कुचले जा रहे थे और वह वहां से भाग गए. मोबाइल भी वहां बैन था, वीडियो बनाना भी बैन था, किसी को जानकारी नहीं थी.'
'दूध से नहाता था बाबा'
उन्होंने कहा, 'कुछ दिनों पहले मैं उनके दौसा वाले आश्रम को लेकर एक खबर देख रही थी कि वह सिर्फ सुंदर महिलाओं को छांट-छांटकर अपने पास रखते थे. आश्रम के आसपास रहने वाले लोगों का बयान है कि वह सुंदर महिलाओं को अपने पास रखते थे. वो उन्हें नहलाती थीं, दूध से नहलाती थीं. वह दूध पाइप के द्वारा जाता था और उसकी खीर बनाकर सभी भक्तों में प्रसाद दिया जाता था.'
यह दावा साध्वी विश्वरूपा का है और आजतक इसकी पुष्टि नहीं करता है. नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में हुई भगदड़ की घटना का जायजा लेने के लिए न्यायिक जांच आयोग (Judicial Commission) की टीम शनिवार को हाथरस पहुंची थी. आयोग के चेयरमैन ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव और आईपीएस भावेश कुमार ने घटना को लेकर कई लोगों से पूछताछ की.
अब तक नौ लोग गिरफ्तार
यह टीम शनिवार को हाथरस पहुंची और नेशनल हाइवे 91 के किनारे फुलराई गांव के पास घटनास्थल का दौरा किया. रविवार सुबह टीम ने अलीगढ़ रोड के किनारे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में डेरा डाला और जांच जारी रखी. घटना के बाद अब तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हाथरस पुलिस ने कहा कि राजनीतिक दल द्वारा सत्संग सभा के लिए की गई फंडिंग की भी जांच कर रहे हैं. इसमें अगर कुछ संदिग्ध पाया जाता है, सख्त कार्रवाई की जाएगी.