scorecardresearch
 

सेम सेक्स मैरिज पर CJI की बात से छिड़ी बहस, शादी के लिए अब भी लड़ रहे ये 5 कपल

समलैंगिक विवाह को लेकर देश में खूब बहस चल रही है. इस मामले में सीजेआई चंद्रचूड़ ने जो बात कही, वो कुछ लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रही है. कई कपल ऐसे हैं, जो लंबे वक्त से इस अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.

Advertisement
X
समलैंगिक विवाह पर हो रही सुनवाई (तस्वीर- ट्विटर/इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
समलैंगिक विवाह पर हो रही सुनवाई (तस्वीर- ट्विटर/इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

'शादी एक लड़का और लड़की के बीच ही होती है...' कुछ लोग इस अवधारणा को पीछे छोड़ते हुए तेज आवाज में बोल रहे हैं, 'शादी एक लड़का-लड़का और लड़की-लड़की के बीच भी हो सकती है...' इस वक्त अगर आप मोबाइल हाथ में पकड़े ट्विटर या फेसबुक ओपन करेंगे, तो आपको सेम सेक्स मैरिज यानी समलैंगिक विवाह से जुड़े तमाम पोस्ट दिख जाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि अब भारत में भी इसकी मांग तेज हो रही है. दूसरी तरफ एक पक्ष इसका जोर-शोर से विरोध कर रहा है.

Advertisement

सीजेआई चंद्रचूड़ ने क्या कहा?

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली 20 याचिकाओं पर सुनवाई करते वक्त एक अहम बात कह दी. ऐसी बात जिसने कुछ लोगों को राहत दी, तो कुछ के दिल चीर दिए. इस सुनवाई में केंद्र सरकार का पक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखा. जबकि याचिकाकर्ताओं का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने रखा.   
 
सुनवाई के दौरान कोर्ट में दलील दी गई की कानूनी की नजर में शादी का मतलब एक बायोलॉजिकल पुरुष और बायोलॉजिकल महिला के बीच का रिश्ता होता है. इस पर सीजेआई ने जो कुछ कहा, उस पर खूब हंगामा हो रहा है. 

सीजेआई ने कहा, 'आप जो अहम बात कर रहे हैं कि शारीरिक तौर पर एक पुरुष और महिला की अवधारणा स्पष्ट है, जबकि ऐसा नहीं है. ये गलत बात है. महिला और पुरुष की परिभाषा तय करने वाली अवधारणा स्पष्ट नहीं है. आपके जननांग ये परिभाषित नहीं करते हैं कि आप बायोलॉजिकल तौर पर एक पुरुष हैं. ये बेहद जटिल है. ऐसे में जब विशेष विवाह कानून महिला और पुरुष की बात करता है, तब उसका ये मतलब नहीं है कि महिला और पुरुष जननांगों के आधार पर तय होते हैं.' 

Advertisement

समलैंगिक विवाह के पक्ष और विपक्ष में उठ रही आवाजों के बीच आज हम ऐसे 5 कपल के बारे में जान लेते हैं, जो समलैंगिक विवाह को मान्यता दिलाने के लिए लड़ रहे हैं.

सुप्रियो चक्रवर्ती और अभय दांग

सुप्रियो चक्रवर्ती और अभय दांग

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए जो याचिकाएं दायर की गई हैं, उनमें से एक हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल सुप्रियो चक्रवर्ती और सॉफ्टवेयर डिवलेपर अभय दांग की है. इन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि दोनों एक दूजे को एक दशक से अधिक वक्त से जानते हैं और रिलेशनशिप में हैं. जो अधिकार शादीशुदा लोगों को मिले हुए हैं, उन्हें उन अधिकारों से वंचित रखा गया है.

इस गे कपल ने शादी कर ली है. सुप्रियो ने कहा कि उनकी शादी से सभी को ये संदेश जाता है कि खुश रहने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं होती. इन्हें तेलंगाना का पहला गे कपल भी माना जाता है. इनकी शादी रजिस्टर नहीं हो सकी है लेकिन इसे इन्होंने परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में धूमधाम से किया.

अंकिता खन्ना और कविता अरोड़ा

अंकिता खन्ना और कविता अरोड़ा

मनोविज्ञानी अंकिता खन्ना और मनोचिकित्सक डॉक्टर कविता अरोड़ा भी कई साल से अपनी शादी के इंतजार में हैं. यह पहले सहकर्मी थीं, फिर दोस्त बनीं और फिर प्यार कर बैठीं.

इनके परिवार और दोस्त इस रिश्ते को स्वीकार कर चुके हैं. लेकिन मुलाकात के 17 साल बाद और एक दशक से अधिक समय से साथ रहने के बावजूद ये शादी नहीं कर सकते. याचिका दायर करने वालों में ये दोनों भी शामिल हैं. 

Advertisement

पार्थ महरोत्रा और उदय राज आनंद

पार्थ महरोत्रा और उदय राज आनंद

उदय राज आनंद और पार्थ महरोत्रा ने भी भारत के सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि समलैंगिक विवाह को मान्यता दी जाए. दोनों 17 साल से साथ हैं. इनका कहना है कि कपल को मिलने वाले अधिकारों से यह वंचित हैं.

इनका कहना है, 'हमने साथ में परिवार शुरू किया है. हम साथ रहते हैं. हमने सरोगेसी से साथ में परिवार शुरू किया है. यह एक प्राकृतिक स्टेप है. मैं आपकी ही तरह हूं. शादी करना हमारे लिए भी प्राकृतिक बात है. तो हमारी कोर्ट से यही अपील है कि हमें शादी करने का अधिकार दिया जाए.' पार्थ लिटिगेंट और Juggernaut Books कंपनी के चीफ एडिटर हैं. जबकि उदय लिटिगेंट और बिजनेसमैन हैं. 

पराग मेहता और वैभव जैन

पराग मेहता और वैभव जैन

ये कपल बीते 11 साल से साथ है. इन्होंने 2019 में शादी की थी. ग्लोबल हेल्थ इशूज पर काम करने वाले रिसर्चर वैभव दिल्ली में पले बढ़े थे. यहां वह प्राइड परेड में जाने से भी डरते थे. फिर 2011 में अमेरिका चले गए. यहां उन्होंने परेड में हिस्सा लिया. इसी दौरान उनकी पराग मेहता से मुलाकात हुई. मेहता अमेरिका के ओबामा प्रशासन में काम कर चुके हैं और एक कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और वाइस प्रेजिडेंट हैं.

Advertisement

उन्होंने पराग के साथ एक तस्वीर ली थी और बाद में उनसे सोशल मीडिया पर संपर्क किया. इसके बाद ही दोनों ने डेटिंग शुरू कर दी. दोनों को प्यार हो गया और फिर शादी कर ली. यह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत अपने रिश्ते को औपचारिक रूप देने के लिए कालकाजी में एक मैरिज अफसर से मिले. इनके अनुरोध को ठुकरा दिया गया था. जिसके बाद इन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में इस आधार पर याचिका दायर की कि यह रिजेक्शन भेदभावपूर्ण था और इनके पास अनुच्छेद 21 के तहत विवाह के लिए साथी चुनने का अधिकार है. 
  
अदिति आनंद और सुजैन डायस

अदिति आनंद और सुजैन दास

अदिति और सुजैन बीते 12 साल से साथ हैं. दोनों की पसंद और बैकग्राउंड अलग हैं. लेकिन जो एक चीज इन्हें जोड़ती है, वह है मोहब्बत. 39 साल की अदिति मुंबई में दो फिल्म प्रोडक्शन कंपनी चलाती हैं. दोनों एक दूसरे से अलग रहने का सोच भी नहीं सकतीं. साथ में एक बच्चे की परवरिश भी कर रही हैं. 35 साल की सुजैन एक एंटरप्रेन्योर हैं. इस कपल ने भी सप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. 

सीजेआई चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि एक तरफ LGBTQ समुदाय को ये कहने का हक है कि वो मर्जी से जी सकते हैं और समाज ये नहीं कह सकता कि आप जीना जारी रखें, लेकिन हम आपको मान्यता नहीं देंगे. या आपको पारंपरिक सामाजिक संस्थाओं के लाभ से वंचित रखेंगे. इसी वजह से यह उचित नहीं है कि सामाजिक संस्थाओं से मान्यता हासिल करने के लिए इन्हें अकेला छोड़ दिया जाए. अब देखना ये होगा कि कोर्ट आखिर इस मामले पर क्या फैसला लेता है. (सभी तस्वीरें- ट्विटर/इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)

Advertisement

सुर्खियों में आए इस यूट्यूबर की द‍िलचस्प है कहानी

Advertisement
Advertisement