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'आपके मंत्री बात करने में झिझक रहे हैं...', संयुक्त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

संयुक्त किसान मोर्चा ने चिट्ठी में लिखा कि, 16 फरवरी को प्रस्तावित,  औद्योगिक-क्षेत्रीय हड़ताल से पहले एक बार फिर आपको इस उम्मीद में पत्र लिख रहे हैं कि, आपकी सरकार इसका कारण समझेगी.

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संयुक्त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है.
संयुक्त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है.

दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस के साथ किसानों के हो रहे संघर्ष के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी ने नाम चिट्ठी लिखी है. संयुक्त किसान मोर्चा ने चिट्ठी में लिखा कि, 16 फरवरी को प्रस्तावित,  औद्योगिक-क्षेत्रीय हड़ताल से पहले एक बार फिर आपको इस उम्मीद में पत्र लिख रहे हैं कि, आपकी सरकार इसका कारण समझेगी. हम किसानों और श्रमिकों के 21 सूत्री मांग चार्टर के समर्थन में 16 फरवरी, 2024 को औद्योगिक/क्षेत्रीय हड़ताल और ग्रामीण भारत बंद के हमारे अखिल भारतीय आह्वान की पूर्व संध्या पर आपको एक बार फिर इस उम्मीद में लिखते हैं कि आपकी सरकार इस पर गौर करेगी.”
 

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संयुक्त किसान मोर्चा ने की ये मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने कहा, ''हम आपको (पीएम मोदी) ग्रामीण भारत बंद को लेकर लेटर लिख रहे हैं और हमें उम्मीद है कि 21 सूत्रीय मांग पूरी करेंगे जो कि आपने 9 दिसंबर 2021 को वादा किया था.'' मोर्चा ने लेटर में यह भी लिखा है कि, उनकी मांग एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी तो है ही, इसके ही साथ-साथ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों व कृषि मजदूरों के लिए पेंशन, कृषि ऋण माफ करने, पुलिस में दर्ज मामलों को वापस लेने, लखीमपुरी खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 बहाल करने और पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की है. 

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समिति बनाने में असफल रही सरकार
मोर्चा ने पत्र में लिखा कि, हमें अफसोस है कि इन समस्याओं का समाधान होने की बजाय, आपकी सरकार इन सभी मुद्दों पर विचार करने और उन्हें समय से हल करने में असफल साबित हो रही है. सरकार समिति बनाने और संचालन करने में विफल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि, 'आपके मंत्री एसकेएम के साथ बात करने में झिझक रहे हैं.

संयुक्त किसान मोर्चा ने लेटर में क्या कहा-
1. आपकी सरकार हमारे मुद्दों को लेकर कमेटी गठित करने और तय समय में इसे सुलझाने में रही असफल. 
2. आपके मंत्री हमारे साथ बात करने में झिझक रहे हैं, वह आंदोलन को बंटा हुआ दिखाना चाह रहे हैं, लिहाजा अन्य प्लेटफार्मों के साथ बात करने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं. 
3. आपकी सरकार, बीजेपी की हरियाणा और यूपी सरकार ने किसानों के शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए दमनकारी उपायों का सहारा लिया है. 

 

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