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संदेशखाली में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 70 महिलाओं को मिला पैसा! वीडियो में दावा

संदेशखाली प्रकरण को लेकर बीते दिनों के कई वीडियो सामने आई हैं. कथित वीडियो में एक भाजपा कार्यकर्ता पूरे मामले में पार्टी की भूमिका के बारे में दावा कर रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि इस वीडियो से छेड़छाड़ की गई है.

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संदेशखाली में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 70 महिलाओं को मिला पैसा!. (फाइल फोटो)
संदेशखाली में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 70 महिलाओं को मिला पैसा!. (फाइल फोटो)

संदेशखाली से सामने आए एक कथित वीडियो को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के एक बार फिर से जुबानी जंग छिड़ गई है. इस कथित वीडियो में एक भाजपा कार्यकर्ता पूरे मामले में पार्टी की भूमिका के बारे में दावा कर रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि इस वीडियो से छेड़छाड़ की गई है. वीडियो के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर और कह रही है कि इस वीडियो ने भाजपा की साजिश को उजागर कर दिया है.

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एजेंसी की खबर के अनुसार, संदेशखाली प्रकरण में सामने आई इस वीडियो में भाजपा के स्थायीन नेता गंगाधर कयाल को कहते हुए सुना जा सकता है कि 70 से ज्यादा महिलाओं को स्थानीय टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उनके साथियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए 2 हजार रुपये मिले थे. हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है. 

BJP ने वीडियो को बताया फर्जी

वीडियो में वह करते हैं, हमें 50 बूथों के लिए 2.5 लाख रुपये नकद की आवश्यकता होगी, जहां 30 प्रतिशत प्रदर्शनकारी महिलाएं होंगी. हमें यहां एससी-एसटी और ओबीसी लोगों को संतोषजनक भुगतान करके उन्हें खुश रखना होगा. किसी भी स्थिति में महिलाएं ही होंगी आगे की पंक्ति पुलिस से भिड़ रही है. वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी नेता कायल से संपर्क किया गया, लेकिन बीजेपी ने वीडियो को फर्जी बताया है. 

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वहीं, टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्त ने कहा कि संदेशखाली पर भाजपा की फर्जी कहानी का सच सामने आ रहा है. पिछले दिनों में संदेशखाली में महिलाओं के साथ कई कथित वीडियो सामने आए हैं और इन वीडियो को टीएमसी द्वारा साझा किया गया है.

क्या है मामला

4 मई को सामने आए इस तरह के पहले वीडियो टेप में कायल को यह कहते हुए सुना गया कि टीएमसी नेता के खिलाफ प्रदर्शन के पीछे सुवेंदु अधिकारी हैं और उन्हीं के कहने पर विरोध दर्ज किए गए थे. दूसरी वीडियो उन महिलाओं के बारे में थी, जिन्होंने पहले बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी और दावा किया था कि उन्हें भाजपा नेताओं एक खाली कागज पर साइन करने के लिए कहा था. इसके बाद उन्हें पुलिस थाने जाने को मजबूर किया गया.

एक अन्य क्लिप में बशीरहाट निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और संदेशखाली प्रदर्शनकारी रेखा पात्रा ने दावा किया कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने वाली पीड़िताओं को नहीं पहचानती.

टीएमसी ने किया NCW का विरोध

टीएमसी पहले ही राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ चुनाव आयोग में जा चुकी है और उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने संदेशखाली की कुछ महिलाओं को कथित तौर पर इलाके के टीएमसी नेताओं के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराने के लिए कहकर अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया है.

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इस पूरे मामले पर भाजपा के राज्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य का कहना है कि टीएमसी चुनाव से पहले कहानी बदलने के लिए फर्जी वीडियो का इस्तेमाल कर रही है. टीएमसी को एनसीडब्ल्यू या संदेशखाली की महिलाओं की गरिमा का मजाक बनाया है. जारी किए गए सभी वीडियो फर्जी हैं और सभी वीडियो से छेड़छाड़ की गई है. 

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