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संदेशखाली मामला: TMC ने रेखा शर्मा, BJP नेताओं के खिलाफ ECI में दर्ज कराई शिकायत, क्रिमिनल प्रोसेडिंग की मांग

TMC का कहना है कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी और पियाली दास सहित उसके सदस्यों के साथ मिलकर संदेशखाली की निर्दोष महिलाएं और मतदाताओं पर जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराध किए हैं.

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रेखा शर्मा- फाइल फोटो
रेखा शर्मा- फाइल फोटो

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेताओं/उम्मीदवारों/सदस्यों और पियाली दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया है. पार्टी ने पुलिस से सभी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है. TMC ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा कि रेखा शर्मा और पियाली दास सहित भाजपा नेताओं के खिलाफ संदेशखाली की निर्दोष महिलाओं पर जालसाजी, धोखाधड़ी, धमकी और आपराधिक साजिश के गंभीर अपराध करने के लिए आपराधिक कार्रवाई की जाए.

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TMC का कहना है कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी और पियाली दास सहित उसके सदस्यों के साथ मिलकर संदेशखाली की निर्दोष महिलाएं और मतदाताओं पर जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराध किए हैं. TMC ने पत्र में कहा है कि बीजेपी नेताओं ने NCW के सदस्यों के साथ मिलकर पूरे मतदाताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश रची है. यह पत्र डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है.

जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी के आरोप
डेरेक ओ ब्रायन ने पत्र में लिखा कि संदेशखाली की एक महिला का इंटरव्यू 10.05.24 को 'एक्स' प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया था. जिससे पता चलता है कि NCW की अध्यक्ष रेखा शर्मा, पियाली दास (एक भाजपा) सहित भाजपा के सदस्यों/नेताओं ने मिलकर राजनीतिक लाभ के लिए संदेशखाली की निर्दोष महिलाओं का शोषण करके जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराध किए हैं.

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TMC का कहना है कि संदेशखाली की एक महिला ने साझा किया कि उसे रेखा शर्मा और पियाली दास की ओर से हिंसा की धमकी देकर बिना किसी उद्देश्य जाने एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि जब पुलिस ने नोटिस जारी किया, तो उन्हें पता चला कि बलात्कार के एक मामले में वास्तविक शिकायतकर्ता बनाया गया था.

डेरेक ने लिखा कि महिला को एहसास हुआ कि उसके हस्ताक्षर का उपयोग उसकी सहमति के बिना झूठी बलात्कार की शिकायत दर्ज करने के लिए किया गया था. जब उसने शिकायत वापस लेने की कोशिश की, तो उसे स्थानीय भाजपा सदस्यों, विशेषकर पियाली दास ने डराया-धमकाया गया. आरोप है कि पियाली दास ने गंभीर धमकी दी थी. यदि उसने विरोध किया या शिकायत वापस लेने की कोशिश की तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे. 

पत्र में लिखा गया है कि बलात्कार की झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए दबाव डालकर कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराना कानून और शक्ति का दुरुपयोग है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं का शोषण एक निंदनीय रणनीति है जो उनके अधिकारों और गरिमा को कमजोर करती है.

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