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'द केरल स्टोरी' के बाद अब एक और फिल्म को लेकर विवाद शुरू हो गया है. दरअसल, 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने फिल्म के निदेशक सनोज मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया था. अब निदेशक सनोज ने आरोप लगाया है कि उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाला जा सकता है, जहां उनकी जान को खतरा है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी से मदद की गुहार लगाई है.
अपने फेसबुक पेज पर उन्होंने अपील करते हुए लिखा, "स्वतंत्र भारत में अपनी बात कहने का अधिकार सबको है , लेकिन फिर भी निरंकुश शासक और तानाशाह आज भी देश को और देश के नागरिकों को अपना गुलाम समझते हैं. अभिव्यक्ति की आजादी की बात को लेकर ही मैं तीस साल पहले अपना घर छोड़कर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में आया था, मेरी फिल्म द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल को बिना देखे, बिना जाने ट्रेलर के आधार पर बंगाल में मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मुझे गिरफ्तार कर जेल में मारा जा सकता है."
उन्होंने आगे लिखा, "मैंने सिर्फ एक फिल्म बनाई है. मैंने कोई गुनाह नहीं किया है और न ही मेरा कोई अपराधिक रिकॉर्ड है. सच बोलने के लिए मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है. मैं तो तनाव में नहीं हूं, लेकिन मेरा परिवार बहुत ही दबाव में जी रहा है. क्योंकि मैं अकेला ही अपने मां बाप का श्रवण कुमार, अपनी बेटियों का शक्तिमान, अपने गांव के किसी भी व्यक्ति का संकटमोचन, अपने भाइयों की जीवन रेखा हूं. मां को एक हृदय आघात के बाद अपनी आंख खोनी पड़ी है, इस वक्त भी उनको न जाने कहां से सास बहू के लड़ाई वाले धारावाहिक के बाद ये सुनाई दे गया कि मैं मुश्किल में हूं. तबसे मुझपर पारिवारिक दबाव है, लेकिन ये एक फिल्म नहीं आंदोलन है और मुझे आपसे उम्मीद है कि अगर मेरे साथ कुछ भी होता है तो ये आंदोलन बंद नहीं होना चाहिए."
सनोज मिश्रा ने लिखा, "जन जागरण से हमें ये बताना है कि हम धरती पर एक जिंदा इंसान हैं और लोगों के दुख दर्द से हम सबको भी फर्क पड़ता है. समय आ गया है सोशल मीडिया और फेसबुक से निकलकर फेस-टू-फेस सामने आने का. बंगाल पुलिस के हवाले होने का मतलब मेरी मौत है. मैं आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी, गृह मंत्री अमित शाह जी के साथ ही मेरे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से इस मामले को संज्ञान में लेकर उचित और संवैधानिक सहयोग की अपील करता हूं. महादेव"
7 अप्रैल को रिलीज किया गया था ट्रेलर
बता दें कि 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' का ट्रेलर 7 अप्रैल को रिलीज किया गया था. ट्रेलर में दावा किया गया था कि बंगाल के हालात 'कश्मीर से भी बदतर' हैं. ट्रेलर में दिखाई गई कहानी में यह भी दावा था कि बंगाल में हिंदुओं के साथ 'नरसंहार' और 'मास रेप' की घटनाएं हो रही हैं और उनका पलायन चल रहा है. फिल्म के ट्रेलर में यह भी दावा किया गया है कि 'संगठित रोहिंग्या और कट्टरपंथी बांग्लादेशी समूहों को सरकारी सहयोग देकर' पश्चिम बंगाल में बसाया जा रहा है.
डायरेक्टर ने कहा- 'हम दीदी के खिलाफ नहीं'
'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' के ट्रेलर में एक महिला भी नजर आती है जिसका गेटअप और अपीयरेंस, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बहुत मेल खाता है. फिल्म का ट्रेलर इस तरह से बनाया गया है जैसे ये किरदार कहानी में हिंदुओं के खिलाफ हो रही सभी घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है. इससे पहले भी पुलिस एक्शन पर बात करते हुए फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने कहा, 'इस FIR के जरिए मुझे हैरेस किया जाएगा. एक बार मैं पश्चिम बंगाल गया, तो वापस नहीं आ पाउंगा. हालांकि मैंने फिल्म के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं और जल्दी ही इसे रिलीज करूंगा. हम अगस्त तक फिल्म को रिलीज करने का प्लान कर रहे हैं. मैं अंत तक डटा रहूंगा और फिल्म रिलीज जरूर करवाऊंगा. क्या कोई फ्रीडम ऑफ स्पीच नहीं बची?'
डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने आगे कहा था, "मैं 'दीदी' के खिलाफ नहीं हूं, सिस्टम के खिलाफ हूं. जिस तरह नरसंहार और पलायन हो रहा है, इसीलिए मैंने कहा है कि पश्चिम बंगाल, भारत का नया कश्मीर है. मुझे मेल पर कोलकाता पुलिस का समन मिला है."