भारत के मुख्य न्यायधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र को राजस्थान, पंजाब और हरियाणा, गुवाहाटी, इलाहाबाद और झारखंड के हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त किए जाने वाले पांच न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है. कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए जस्टिस मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शील नागू, गुवाहाटी हाईकोर्ट के विजय बिश्नोई, इलाहाबाद हाईकोर्ट के अरुण भंसाली और झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति बी आर सारंगी के नाम की सिफारिश की है.
कॉलेजियम में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और बीआर गवई भी बतौर सदस्य शामिल हैं, उन्होंने नामों की सिफारिश करने के लिए वरिष्ठता, उच्च न्यायालयों के क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, अनुभव, अखंडता और चरित्र के पहलू पर विचार किया. जस्टिस सारंगी मौजूदा दौर में उड़ीसा हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं और न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद झारखंड के चीफ जस्टिस का कार्यालय गुरुवार को खाली हो गया.
सीजे प्रितिंकर दिवाकर की सेवानिवृत्ति के बाद पिछले महीने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो गया था. उनकी जगह कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति भंसाली की सिफारिश की. इलाहाबाद हाईकोर्ट देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय है और कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश करते समय नागरिक, कंपनी, संवैधानिक और कराधान मामलों में न्यायमूर्ति भंसाली के व्यापक अनुभव को ध्यान में रखा.
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी, न्यायमूर्ति रविशंकर झा की सेवानिवृत्ति के बाद इस साल अक्टूबर से चीफ जस्टिस का पद खाली था. कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति नागू को पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय का प्रमुख बनाने की सिफारिश की है. न्यायमूर्ति नागू को 2011 में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और वह अपने मूल मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं.