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अग्निपथ योजना पर रोक से SC का इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं की खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी में अग्निपथ योजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर सभी 23 याचिकाओं को खारिज कर दिया था. हाईकोर्ट के इसी फैसले को SC में चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अग्निपथ योजना पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया. दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी में अग्निपथ योजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ दायर सभी 23 याचिकाओं को खारिज कर दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि अग्निपथ योजना में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नहीं है.

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सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की बेंच ने कहा, अग्निपथ योजना से पहले तीनों सेनाओं में रैलियों, शारीरिक और चिकित्सा परीक्षणों जैसी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से चुने गए उम्मीदवारों के पास नियुक्ति का निहित अधिकार नहीं है .

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ गोपाल कृष्ण और अधिवक्ता एमएल शर्मा द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा, माफ कीजिए. हम दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहेंगे. हाईकोर्ट ने सभी सभी पहलुओं पर विचार करके फैसला सुनाया था. 

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट अग्निपथ योजना शुरू करने से पहले भारतीय वायु सेना में भर्ती से संबंधित एक तीसरी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया.इस मामले में 17 अप्रैल को सुनवाई होगी. बेंच ने केंद्र से भारतीय वायुसेना में भर्ती से संबंधित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. 

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट 27 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 फरवरी को कहा था कि अग्निपथ योजना राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हित में तैयार की गई है. 

केंद्र ने शुरू की अग्निपथ योजना

केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना पिछले साल 14 जून को शुरू की थी. योजना के नियमों के अनुसार, साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के लोग इस योजना के तहत देश के प्रहरी के लिए आवेदन करने के पात्र हैं. उन्हें चार साल के कार्यकाल के लिए सेना में शामिल किया जाएगा. हालांकि अग्निपथ योजना की शुरुआत के बाद इस योजना के खिलाफ कई राज्यों में जबरदस्त विरोध हुआ था. इसके खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं.

25 प्रतिशत की सेवा नियमित कर दी जाएगी 

योजना के तहत कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत की सेवा नियमित कर दी जाएगी. बाकी लोगों को भविष्य के लिए पेशेवर ट्रेनिंग दी जाएगी. उनको एकमुश्त धनराशि भी मिलेगी. उनमें से कई को केंद्रीय बलों, पुलिस बल और अन्य विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया के तहत कुछ छूट यानी रियायत और प्राथमिकता मिलेगी. हालांकि अग्निपथ योजना की शुरुआत के बाद इस योजना के खिलाफ कई राज्यों में जबरदस्त विरोध हुआ था. बाद में सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया.
 

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