सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 'लॉटरी किंग' सैंटियागो मार्टिन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक स्पेशल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी. सैंटियागो मार्टिन की कंपनी ने विवादास्पद इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम के माध्यम से राजनीतिक दलों को सबसे अधिक चंदा दिया था.
जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने मार्टिन की याचिका पर नोटिस जारी किया. याचिका में केरल के एर्नाकुलम में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट के 16 मार्च के आदेश को चुनौती दी गई थी. पीएमएलए कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में ट्रायल को स्थगित रखने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया था.
पीएमएलए कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
मार्टिन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सोंधी और अधिवक्ता रोहिणी मूसा ने कहा कि विशेष अदालत को यह विचार करना चाहिए था कि पीएमएलए केस में ट्रायल मुख्य मामले में ट्रायल के खत्म होने के बाद ही शुरू हो सकता है.
16 मार्च को स्पेशल कोर्ट ने ईडी केस में ट्रायल को तब तक स्थगित रखने की मार्टिन की याचिका को खारिज कर दिया था जब तक कथित लॉटरी घोटाला मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए मामले में ट्रायल खत्म नहीं हो जाता. उन्होंने पीएमएलए कोर्ट के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया था.
'लॉटरी किंग' ने दिया सबसे अधिक चंदा
'लॉटरी किंग' सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स सर्विसेज ने राजनीतिक दलों के लिए सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं. 12 अप्रैल 2019 से 11 जनवरी 2024 तक के चुनावी चंदे का आंकड़ा बताता है कि लॉटरी किंग मार्टिन सेंटियागो ने सबसे ज्यादा 1368 करोड़ का चंदा दिया है. मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स सर्विसेज ने ये बॉन्ड 21 अक्टूबर 2020 से जनवरी 2024 के बीच खरीदे हैं.