पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भारत में घुसने को लेकर देश की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों में सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि भारत-नेपाल बॉर्डर से आखिर सीमा हैदर कैसे देश में घुसी क्योंकि बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी तैनात है.
सूत्रों ने दावा किया है कि एसएसबी तमाम जगहों पर चप्पे-चप्पे की सुरक्षा करती है. इसके बाद भी जिस तरह से सचिन के सहयोग से पाकिस्तानी मूल की सीमा हैदर नेपाल-बॉर्डर पर एसएसबी को चकमा देते हुए उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा कैसे पहुंच गई. इन तमाम चीजों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के बीच माथापच्ची चल रही है. एसएसबी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
क्या सीमा हैदर झूठ बोल रही है?
क्या सीमा का सचिन से प्यार महज दिखावा है? क्या सीमा इमोशनल कार्ड खेलकर सहानभूति इकठ्ठा करना चाहती है? सुरक्षा एजेंसियों और जांच एजेंसी इस वक्त इन तमाम सवालों को लेकर कड़ी मशक्कत कर रही हैं. सूत्रों ने जानकारी दी है कि प्लान-बी के जरिए खुफिया एजेंसियां सीमा हैदर का राज़ खोलने के काम करने में जुटी हुई है.
सीमा हैदर को लेकर उठ रहे सवालों का जबाब तलाश रही खुफिया एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो सीमा का बेबाकी से किसी भी सवालों का जबाब देना और उसकी चाल-ढाल से लेकर कई ऐसी चीजें है जो सीमा के खिलाफ संदेह पैदा करती हैं.
इतना ही नहीं सीमा हैदर जांच एजेंसियों के सवालों का जिस तरह से जबाब दे रही है और उस बाबत जो चीजें पेश कर रही है वो भी सवालों के घेरे में है. अधिकारियों को लग रहा है कि कोई भी इंसान इतना परफेक्ट कैसे हो सकता है जिसे सब कुछ जुबानी याद है. वो सवालों के जवाब देने में कहीं अटकती भी नहीं है.
खुफिया सूत्रों के मुताबिक सीमा हैदर ने जो कुछ बताया है उसकी तस्दीक की जा रही है लेकिन अब तक की जांच में सीमा के खिलाफ कोई सबूत हाथ नहीं लगे हैं. हालांकि उसकी जांच अभी भी चल रही है.
उन तमाम जगहों की जांच की जा रही है जहां-जहां सीमा हैदर पाकिस्तान से नेपाल और फिर भारत आते समय रुकी थी. भारत आने से पहले सीमा नेपाल में सचिन से मिलने गई थी और फिर वहां सचिन के साथ एक होटल में रुकी थी. उस होटल के मालिक से संपर्क कर जानकारी इकठ्ठा की जा रही है.
इसके अलावा सीमा हैदर नेपाल की जिस ट्रैवल एजेंसी की मदद से भारत पहुंची है, उसके बारे में जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं. दरअसल जांच एजेंसियों को शक है कि अगर सीमा हैदर वाकई में कोई जासूस है तो पहली बार जब वो नेपाल सचिन से मिलने पहुंची थी तो उस दौरान कोई ऐसा शख्स वंहा मौजूद तो नहीं था जो सचिन के पीछे सीमा की मदद कर रहा था. लिहाजा सीमा नेपाल में जहां भी रुकी वो सभी जगहें जांच एजेंसियों की रडार पर है.
सीमा पर खूफिया एजेंसियों की कड़ी नजर
सूत्रों के मुताबिक सीमा अगर वाकई में कोई पकिस्तानी एजेंट है तो उसे इस तरह से ट्रेंड किया गया होगा कि उससे कुछ भी पता कर पाना आसान नहीं होगा. लिहाजा जांच एजेंसियां सीमा को लेकर प्लान बी पर काम कर रही है. दरअसल सीमा से अब तक कि पूछताछ से इतना तो साफ है कि या तो सीमा बिल्कुल सच बोल रही है या फिर वो ट्रेंड जासूस है जिसने सब कुछ अपने प्लानिंग के हिसाब से सेट किया है.
लिहाजा खुफिया एजेंसियों ने सीमा को लेकर अपने प्लान B को एक्टिव कर दिया है जिसके तहत खुफिया सूत्रों को एक्टिव कर टेक्निकल सर्विलांस के जरिए सच्चाई पता करने की कवायद की जा रही है. इतना ही नहीं सीमा के टूटे हुए फोन से अब तक का जो डेटा रिकवर हुआ है उससे भी जांच को आगे बढ़ाया जाएगा.
सीमा ने क्यों रखे थे चार मोबाइल?
सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है कि जब सीमा को गिरफ्तार किया गया था तो उसके पास से पुलिस को 2 वीडियो कैसेट, 4 मोबाइल फोन, 1 सिम, 1 टूटा हुआ मोबाइल, 1 गवर्मेंट ऑफ पाकिस्तान नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑथोरिटी मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर सूची मिली थी. एक सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर सीमा को चार मोबाइल रखने की क्या जरूरत थी. फोन में सिम होने के बाद भी Hotspot से कॉल क्यों करती थी.
सूत्रों के मुताबिक जब सीमा नेपाल में थी तो उसके पास कई मोबाइल और सिम कार्ड थे. ऐसे में उसने फिर सचिन से बात करने के लिए नेपाल के लोगों से क्यों Hotspot लिया. जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में भी जुटी हुई है कि उसने नेपाल में अपने फोन से कॉल क्यों नहीं किया.
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों को सीमा के पास से 6 पासपोर्ट, 5 वैक्सीनेशन कार्ड और एक पोखरा से दिल्ली का बस टिकट मिला था. ऐसे में सीमा ने यह नहीं बताया कि पोखरा से दिल्ली का टिकट किसका था. उसके साथ तो चार बच्चे और सचिन भी थे. जिस दौरान सचिन और सीमा नेपाल में थे उस दौरान सीमा ने कुछ वीडियो भी शूट किया था.
सचिन के मुताबिक उन्होंने न्यू बस पार्क इलाके के न्यू विनायक होटल में एक कमरा किराए पर लिया जिसके लिए वो होटल मालिक को हर दिन 500 रुपये देते थे. सीमा हैदर ने इंस्टाग्राम पर इस दौरान कई ऐसे वीडियो अपलोड किए हैं.
ऐसे में ये सवाल भी उठता है कि क्या सीमा ने जानबूझकर ये वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड किया ताकि जब जांच हो तो उसे ये सबूत के तौर रख सके. फिलहाल लोकल पुलिस के साथ-साथ यूपी एटीएस और तमाम एजेंसियां जांच में जुटी है. सीमा के खिलाफ अब तक जासूस होने का कोई सबूत हाथ नहीं लगा है.